पुरुलिया जिला परिषद में बदला सत्ता का समीकरण, वोटिंग के बाद उपसभापति सुजय बनर्जी हटाये गये

पुरुलिया जिला परिषद में बड़ा राजनीतिक बदलाव, तृणमूल और भाजपा के सदस्यों ने मिलकर उपसभाधिपति सुजय बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया. इसके बाद उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा.

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कथित तौर पर ठप पड़े तृणमूल कांग्रेस संचालित पुरुलिया जिला परिषद के विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला परिषद में नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिला. तृणमूल और भाजपा के सदस्यों ने एकजुट होकर जिला परिषद के उपसभाधिपति सुजय बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में मतदान किया.

32 सदस्यों ने किया मतदान, 29 टीएमसी के

गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से बुलायी गयी मतदान प्रक्रिया में कुल 32 सदस्यों ने हिस्सा लिया. इनमें तृणमूल कांग्रेस के 29 और भाजपा के तीन सदस्य शामिल रहे. सभी 32 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. इस घटनाक्रम के बाद सुजय बनर्जी को पुरुलिया जिला परिषद के उपसभाधिपति पद से हटा दिया गया. जिला परिषद में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम से जिले की सियासत में हलचल तेज हो गयी है.

45 सदस्यीय जिला परिषद में 41 तृणमूल सदस्य

वर्तमान में 45 सीटों वाली पुरुलिया जिला परिषद में तृणमूल कांग्रेस के 41 सदस्य और भाजपा के तीन सदस्य हैं. वहीं, तृणमूल के एक सदस्य की असामान्य परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बीते 17 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस के 24 जिला परिषद सदस्यों ने संयुक्त रूप से सभाधिपति निवेदिता महतो और उपसभाधिपति सुजय बनर्जी के खिलाफ अलग-अलग अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था. साथ ही मतदान के जरिये इस पर फैसला लेने की मांग की गयी थी.

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सभाधिपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में नहीं पहुंचे सदस्य

आवेदन के करीब 19 दिन बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को सभाधिपति निवेदिता महतो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बैठक बुलायी थी. हालांकि, इससे पहले तृणमूल और भाजपा के सदस्यों ने आपस में बैठकर सभाधिपति के पद पर निवेदिता महतो को बनाये रखने का निर्णय लिया. इसके बाद सभाधिपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में किसी सदस्य ने भाग नहीं लिया.

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उपसभाधिपति के खिलाफ भाजपा-टीएमसी एक साथ

इसके एक दिन बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने उपसभाधिपति सुजय बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बैठक बुलायी. इस बार तृणमूल और भाजपा के कुल 32 सदस्य बैठक में पहुंचे. सभी ने मिलकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. इस तरह उपसभाधिपति सुजय बनर्जी को पद से हटना पड़ा. जिला परिषद में तृणमूल और भाजपा के सदस्यों की इस संयुक्त कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं.


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By Hansraj singh

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