आसनसोल/दुर्गापुर.
आसनसोल जिला अदालत और दुर्गापुर महकमा अदालत में बम विस्फोट होने की सूचना पर पूरे दिन अदालत परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिससे इस दिन 1,062 मामलों की सुनवाई बाधित हुई. इसमें 650 क्रिमिनल और 412 सिविल केस की सुनवाई होनी थी. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम पहुंची, खोजी कुत्ते और एंटी-सबोटाज चेक टीम ने पूरे अदालत को खंगाल लिया, पर कहीं कोई बम नहीं मिला.कोर्ट में 15 जगहों पर आरडीएक्स विस्फोट का भेजा गया मेल
24 फरवरी सुबह 7:59:42 बजे जिला जज के मेल आइडी dj.paschimbardhaman@indiacourts.nic.in पर rameeza_hussaini@hotmail.com से एक मेल आया. जिसके हेडिंग में लिखा था कि आपके अदालत एवं न्यायाधीश के कमरों में 15 आरडीएक्स बम का विस्फोट दोपहर एक बजे होगा, अदालत परिसर से न्यायाधीश और आम लोगों को हटा लें. मेल में कुछ मांगो का जिक्र है, जिसे कोई समझ नहीं पा रहा है. पुलिस भी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है. यह मेल देखते ही जिला जज ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस की टीम पहुंचकर पूरे अदालत से सभी को बाहर निकालकर जांच शुरू की. इसी मेल के आधार पर दुर्गापुर महकमा अदालत को खाली कराकर सभी जगहों पर बम ढूढने का कार्य शुरू हो गया. ढाई घंटे तक चले तलाशी के बाद कुछ भी नहीं मिला.
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
जिला अदालत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भरत दास की शिकायत पर आसनसोल साउथ थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 351/353/217 और मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) एक्ट 1972 की धारा नौ के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.पश्चिम बर्दवान जिले की अदालतों में 1,19,604 मामलों पर चल रही सुनवाई
नेशनल ज्यूडीशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के हिसाब से पश्चिम बर्दवान जिला में अदालतों में कुल 1,19,604 मामलों की सुनवाई चल रही है. जिसमें क्रिमिनल केस की संख्या 97,578 और सिविल केस की संख्या 22,026 है. क्रिमिनल केस में 5863 मामले दस साल से अधिक, 29,804 मामले पांच से 10 साल, 20,837 मामले तीन से पांच साल, 21,109 मामले एक से तीन साल पुराने, तथा 19, 970 मामले एक साल के अंदर के हैं. यही आंकड़ा सिविल केस में 966 मामले दस साल से अधिक, 4971 मामले पांच से दस साल के, 3402 मामले तीन से पांच साल, 6364 मामले एक से तीन साल पुराने और 6323 मामले एक साल के अंदर के हैं. हर दिन औसतन एक हजार से अधिक मामलों के8 सुनवाई इन अदालतों में होती है. मंगकवार को कुल 1,062 मामलों की सुनवाई का दिन था. एक दिन की अदालती कार्रवाई बाधित होने से सभी को काफी नुकसान होता है. पिछले महीने अदालतों में कुल 2,509 मामलों का निष्पादन हुआ. जिसमें 589 सिविल और 1920 क्रिमिनल केस शामिल थे. एक अतिरिक्त जिला जज ने बताया कि एक दिन अदालत की कार्रवाई बाधित होने से पेंडिंग मामलों दाबाव काफी बढ़ जाता है. अदालत में इस तरह का मैसेज भेजकर परेशान करना कतई उचित नहीं है.“मेल में जो मैसेज भेजा गया, उसमें लिखा गया कि अदालत में बम प्लांट किया गया है और दोपहर एक बजे विस्फोट होगा. मैसेज देखते ही सभी के बचाव और सुरक्षा को लेकर सबसे पहले अदालत परिसर से हर किसी को बाहर निकलने को कहा गया. बम निरोधक दस्ता की टीम भी आ गयी है, पुलिस पूरे मामले को देख रही है.”
देब प्रसाद नाथ
, जिला जज, पश्चिम बर्दवान“सूचना मिलते ही पुलिस की टीम पहुंची और पूरे अदालत परिसर की तलाशी ली गयी. स्निफर डॉग और एंटी सबोटाज चेक टीम ने अच्छी तरह से हर जगह को खंगाला, कहीं कुछ नहीं मिला है. प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गयी है, मेल भेजने वाले का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.”
ध्रुव दास,
डीसीपी- सेंट्रल, एडीपीसी“अदालत में एक मामले की सुनवाई में था, तभी जिला जज का फोन आते ही उनके पास गया, उन्होंने कोर्ट में बम विस्फोट होने का मेल दिखाया. इस दिन अदालत की पूरी कार्रवाई रद्द कर दी गयी. सुनवाई के लिए सारे कैदियों को सुरक्षित जेल में शिफ्ट कर दिया गया. कोर्ट पहुंच कर खाली कराने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया. मैंने अपने जीवन में ऐसी घटना अदालत में पहली बार देखी.”
