नकली नोटों का खरीदार बनाकर पुलिस ने भेजा अपने आदमी को, फंस गया दानिश

डीडी के सुशीम सरकार, विक्रम दे, साइबर क्राइम थाना के चंदन मिश्रा, आलोक मजूमदार और आसनसोल साउथ थाना के सुबीर चक्रवर्ती टीम में थे शामिल

आसनसोल. शिल्पांचल में नकली नोटों के कारोबार की मिल रही शिकायत के पर पुलिस ने काफी होमवर्क करने के बाद जाल बिछाया, जिसमें एआइएमआइएम जिलाध्यक्ष दानिश अजीज और उसका सहयोगी मोहम्मद लाल खान पकड़े गये. आरोप है कि केमिकल के सहयोग से ये लोग फर्जी नोट तैयार करते थे और आधी कीमत पर बेचते थे. इन्हें रंगे हाथों पकड़ने के लिए पुलिस ने अपने ही विश्वस्त व्यक्ति को इनके पास ग्राहक बनाकर भेजा. डेढ़ लाख असली रुपये के बदले तीन लाख नकली रुपये देने की डील हुई. स्थानीय एक होटल में इन लोगों ने उस व्यक्ति को शुक्रवार रात को बुलाया. यह सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों से पुलिस के अवर निरीक्षकों की एक विशेष टीम तैयार की गयी. जिसमें डीडी के सुशीम सरकार, विक्रम दे, साइबर क्राइम थाने के चंदन मिश्रा, आलोक मजूमदार और आसनसोल साउथ थाने के सफरुद्दीन मंडल, सुबीर चक्रवर्ती टीम में शामिल थे. ये सारे अधिकारी उस होटल के बाहर अपनी टीम के साथ जमा हो गये. दानिश और उसका सहयोगी जिस रूम में ठहरे हुए थे, उस रूम में ग्राहक बनकर पुलिस के विश्वस्त व्यक्ति और उसका दोस्त बनकर खुद एक पुलिस भी अधिकारी सादे लिबास में वहां पहुंचे थे. डेढ़ लाख रुपये उन्हें दिये गये. जिस समय लेनदेन चल रहा था, उसी समय पुलिस अधिकारी बाहर आये और होटल परिसर में इंतजार कर रही अपनी टीम को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस की टीम ने होटल के रूम में छापेमारी की. जहां उन्हें 500 रुपये के 300 असली नोट मिले और पांच सौ रुपये के साइज के 589 सफेद कागज का बंडल मिला. सबसे हैरानी की बात इस बंडल के ऊपर और नीचे चार, 500 रुपये के जाली नोट मिले. सारे नोटों का सीरियल नम्बर 8एफके986913 था. कुछ केमिकल भी मिले. इस पूरी घटना को लेकर आसनसोल साउथ थाने के अवर निरीक्षक की सफरुद्दीन मंडल की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई. शिकायत में इन सारी बातों का जिक्र किया गया है. गौरतलब है कि दानिश अजीज और उसके सहयोगी को पुलिस ने फेक करेंसी तैयार करने और उसका प्रचलन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. शिल्पांचल में अबतक का अपने किस्म का यह एक अहम मामला माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार नेता होने की आड़ में दानिश लंबे समय से इस कारोबार में लिप्त है, उसके सारे स्रोतों की पुलिस जांच कर रही है. अवर निरीक्षक श्री मंडल ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिले में जाली नोटों को तैयार करने और उसे गुप्त तरीके से चलाने की जानकारी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी को दी. जिसके बाद इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ. आरोपी केमिकल का उपयोग करके नकली नोट तैयार कर रहे थे और उसे आधी कीमत पर बेचते थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ganesh mahto

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >