तिराट में युवक का काल बना डंपर, आदिवासियों ने काटा भारी बवाल
सोमवार दोपहर रानीगंज थाने के निमचा फांड़ी क्षेत्र के तिराट इलाके में हुए सड़क हादसे के बाद भारी हिंसा भड़क उठी.
By AMIT KUMAR | Updated at :
रानीगंज.
सोमवार दोपहर रानीगंज थाने के निमचा फांड़ी क्षेत्र के तिराट इलाके में हुए सड़क हादसे के बाद भारी हिंसा भड़क उठी. शिवानंद आश्रम के पास बालू लादने जा रहे तेज रफ्तार डंपर से कुचल कर साइकिल सवार युवक की मौत हो गयी. मृत युवक की पहचान आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के डामरा (आड़ाडांगा) निवासी अविनाश मुर्मू (23) के रूप में हुई है. अविनाश तिराट के एक ईंटभट्ठे में मजदूरी करता था और काम खत्म कर घर लौट रहा था, तभी हादसे का शिकार होकर उसकी जान चली गयी.
पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक
हादसे के बाद गुस्साये स्थानीय लोगों और आदिवासी समाज के लोगों ने पुलिस के वाहनों को घेर लिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस घटना का सच छिपा रही है. ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक हादसे में बुरी तरह घायल अविनाश को उनके सामने नहीं लाया जाता, वे पुलिस की गाड़ी को हिलने नहीं देंगे. हालांकि बाद में उसकी मौत की खबर आयी. घटना के बाद अविनाश की पत्नी रूपाली व मासूम बेटे (तीन वर्षीय) पर विपदा टूट पड़ी है. हादसे के बाद डंपर चालक वाहन को दामोदर नदी की ओर छोड़कर फरार हो गया. आक्रोशित भीड़ ने नदी के पास खड़े बालू लदे 5 डंपरों की पहचान की और उनमें आग लगा दी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि प्रदर्शनकारियों ने आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ियों को भी काफी देर तक मौके पर जाने से रोके रखा, जिससे वाहन बुरी तरह जल गए.
अग्निमित्रा की मांग : पीड़ित को 10 लाख मुआवजे के साथ मिले नौकरी
घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल मौके पर पहुंचीं और परिजनों के साथ धरने पर बैठ गयीं. उन्होंने प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा की बालू माफियाओं और टीएमसी नेताओं की मिलीभगत के कारण निर्दोषों की जान जा रही है. पुलिस को जनता से ज्यादा माफियाओं के कमीशन की चिंता है.उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं मिलती, भाजपा का विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा.
भारी पुलिस व केंद्रीय बल तैनात
बिगड़ते हालात को संभालने के लिए डीसी ध्रुव दास, एसीपी सेंट्रल-2 विमान कुमार मिर्धा, रानीगंज थाना प्रभारी अमित सिंह महापात्र और निमचा फांड़ी प्रभारी नसरीन सुल्ताना भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंचे. उत्तेजित ग्रामीण दमकलकर्मियों को भी घटनास्थल पर जाने नहीं दे रहे थे. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ नियंत्रित की. उत्तेजना के मद्देनजर भारी पुलिस बल इलाके में गश्त कर रहा है.“बालूघाट बांकुड़ा जिला के मेजिया इलाके में स्थित है. बालू लेकर गाड़ियां पश्चिम बर्दवान जिले के रानीगंज से गुजरती हैं. एक खाली डंपर बालू लेने जा रहा था, तभी उसकी चपेट में साइकिल सवार युवक आ गया. पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत करार दिया. उत्तेजित ग्रामीणों ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.”