आसनसोल जिला अस्पताल में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. राज्य की महिला व शिशु कल्याण तथा शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग में मरीजों के लिए ऑन्कोलॉजी ओपीडी और पांच बेड वाले डे केयर यूनिट का उद्घाटन फीता काटकर किया. इस नई सुविधा के शुरू होने से आसनसोल और आसपास के इलाकों के कैंसर मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और कीमोथेरेपी के दौरान बेहतर एवं अपेक्षाकृत सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है.
आसनसोल जिला अस्पताल में आयोजित यह कार्यक्रम एक ओर कैंसर मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेहतर उपचार व्यवस्था की शुरुआत का गवाह बना, वहीं दूसरी ओर अभया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि और न्याय की मांग का भी मंच बना.
नई ऑन्कोलॉजी ओपीडी और पांच-बेड डे केयर यूनिट से कैंसर मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और कीमोथेरेपी के दौरान बेहतर चिकित्सा व्यवस्था मिलने की उम्मीद है. वहीं अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अभया की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि देने से कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सुरक्षा का संदेश भी सामने आया.
उद्घाटन कार्यक्रम में पश्चिम बर्दवान के सीएमओएच डॉ. मोहम्मद यूनुस, जिला अस्पताल के सुपर डॉ. तपन कुमार विश्वास, ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अमित मुखोपाध्याय, सहायक अधीक्षक, चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
अलग डे केयर यूनिट से संक्रमण का खतरा होगा कम
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अब तक कीमोथेरेपी के लिए आने वाले मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ ही वार्ड में रखा जाता था. जबकि कैंसर मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है.
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ऑन्कोलॉजी ओपीडी के पास पूरी तरह अलग पांच-बेड का डे केयर सेंटर तैयार किया गया है. यहां कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों को अलग वातावरण में चिकित्सकीय निगरानी में उपचार दिया जा सकेगा. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में यहां गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार यानी सप्ताह में तीन दिन कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है. मरीजों की जरूरत और सेवा के विस्तार को देखते हुए भविष्य में बेडों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है.
पहले से थी कीमोथेरेपी की सुविधा, अब मिला जरूरी ढांचा
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि आसनसोल जिला अस्पताल में पहले से ही कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन उसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा पर्याप्त नहीं था. उन्होंने कहा कि पहले भी आसनसोल जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी की सुविधा थी, लेकिन उसके लिए जरूरी ढांचा नहीं था. आज डे केयर यूनिट शुरू होने से अब विशेषज्ञ डॉक्टर भी इलाज के दौरान मरीज के साथ रह सकेंगे. इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाएगा.
उन्होंने कहा कि यह नयी व्यवस्था आसनसोल में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी. ऑन्कोलॉजी ओपीडी शुरू होने से अब कैंसर मरीजों को अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा भी अधिक व्यवस्थित तरीके से मिलने की उम्मीद है. अस्पताल में पहले से विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं और चिकित्सा प्रशिक्षण की सुविधाएं संचालित हैं.
मंत्री ने ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान से जुड़ने पर भी खुशी जताई. स्वस्थ और रोगमुक्त समाज के निर्माण के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाना और टीबी के खिलाफ जागरूकता फैलाना सभी की जिम्मेदारी है. कहा कि स्वस्थ और रोगमुक्त समाज बनाने के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक पहुंचाना और टीबी के खिलाफ जागरूकता फैलाना हम सभी की जिम्मेदारी है. इस तरह के प्रयास आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएंगे.
