एनआइटी दुर्गापुर को मिला 1.13 करोड़ का इंटरनेशनल प्रोजेक्ट

उन्होंने बताया कि ताइवान और रूस जैसे वैश्विक सहयोगियों के साथ मिल कर काम करना इस बात का प्रमाण है कि संस्थान के विद्यार्थी व फैकल्टी अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर रहे हैं

नेक्स्ट-जेन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में बड़ा कदम

दुर्गापुर. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(एनआइटी) दुर्गापुर को नेक्स्ट-जेनरेशन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी डेवलप करने के लिए 1.13 करोड़ रुपये का इंटरनेशनल प्रोजेक्ट मिला है. एसपीएआरसी ऐप्स कमेटी ने आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट पी-4015 को मंजूरी दे दी है. यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है.

सेमीकंडक्टर रिसर्च में बड़ी उपलब्धि

””””ईईई-वी और ईईई-एनएमओएस प्लेटफॉर्म के लिए हाइब्रिड नैनो-पिलर डाइइलेक्ट्रिक स्टैक्स”””” नामक यह प्रोजेक्ट हाई-स्पीड और मल्टी-फंक्शनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विकसित करने पर केंद्रित है, जिनका उद्देश्य पारंपरिक सिलिकॉन आधारित तकनीक की सीमाओं को पार करना है. ””””आत्मनिर्भर भारत”””” मिशन को बढ़ावा देते हुए संस्थान को स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ एकेडमिक एंड रिसर्च कोलैबोरेशन (एसपीएआरसी) फेज़-4ए के तहत 21.13 करोड़ रुपये का रिसर्च ग्रांट भी प्रदान किया गया है.

भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बल : एनआइटी दुर्गापुर के डायरेक्टर प्रो अरविंद चौबे ने कहा कि यह हाई-वैल्यू इंटरनेशनल कोलैबोरेशन न केवल ””””मेक इन इंडिया”””” पहल को मजबूती देता है, बल्कि एनआइटी दुर्गापुर को एडवांस्ड मटीरियल रिसर्च के एक महत्वपूर्ण हब के रूप में स्थापित करता है. उन्होंने बताया कि ताइवान और रूस जैसे वैश्विक सहयोगियों के साथ मिल कर काम करना इस बात का प्रमाण है कि संस्थान के विद्यार्थी व फैकल्टी अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ganesh mahto

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >