राज्य सरकार से लाभार्थियों को 2278 करोड़ का हितलाभ
राज्य के श्रम व न्याय मंत्री मलय घटक ने कहा कि बिना मूल्य सामाजिक सुराक्ष योजना (बीएमएसएसवाइ) के तहत तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पिछले 14 वर्षों में 2278 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुंचायी है.
By AMIT KUMAR | Updated at :
आसनसोल.
राज्य के श्रम व न्याय मंत्री मलय घटक ने कहा कि बिना मूल्य सामाजिक सुराक्ष योजना (बीएमएसएसवाइ) के तहत तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पिछले 14 वर्षों में 2278 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुंचायी है. यह योजना वर्ष 2000 में बाममोर्चा के शासनकाल में शुरू हुई थी और वर्ष 2011 तक सिर्फ नौ करोड़ रुपये की आर्थिक मदद ही लाभार्थियों तक पहुंचा था. 2000-2011 तक इस योजना के दायरे में 51 हजार असंगठित क्षेत्र के श्रमिक रजिस्टर्ड हुए थे, अब इनकी संख्या 1,85,54,707 है. पश्चिम बर्दवान जिला में ही इनकी संख्या 2.83 लाख है, जबकि बाम जमाने मे यह संख्या 51 हजार थी. आसनसोल महकमा में ही 1.61 लाख श्रमिक इसके दायरे में हैं. जिला में इस योजना के तहत 59.94 करोड़ रुपये की सहायता लाभुकों तक पहुंचायी गयी, 314 परिवहन कर्मी और 629 निर्माण कर्मियों को डेढ़ हजार रुपये करके पेंशन मिल रहा है. उनके निधन होने पर उनकी पत्नी को आजीवन पेंशन की आधी राशि मिलती रहेगी. बीएमएसएसवाई के तहत मृतक श्रमिकों के आश्रितों को चेक प्रदान को लेकर बुधवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के केएसटीपी इलाके में स्थित श्रम भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री घटक ने उक्त बातें कही. इस दौरान 16 मृतक श्रमिकों के परिजनों को 50 हजार रुपये का चेक दिया गया और पांच पेंशनधारकों को भी चेक दिया गया. मंत्री श्री घटक ने कहा कि सामान्य मौत पर 50 हजार रुपये और दुर्घटना में मारे जाने पर दो लाख रुपये भुगतान का प्रावधान है. कार्यक्रम में जिलाधिकारी पोन्नमबालम.एस, श्रम आयुक्त मोहम्मद इकलाख इस्लाम, अतिरिक्त श्रमायुक्त चिनसुख सिंह, उप श्रमायुक्त अमिय दास, सहायक श्रमायुक्त अंकन चक्रवर्ती, आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य गुरुदास चटर्जी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी(डीएम) पोन्नमबलम एस ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, निर्माण और परिवहन कर्मियों को भविष्य निधि, स्वास्थ्य कवर, विकलांगता सहायता, शिक्षा और मृत्यु लाभ जैसी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने वाली यह एक एकीकृत योजना है. 18-60 वर्ष के कामगारों को सुरक्षा देती है. मुख्य उद्देश्य असंगठित कामगारों को आर्थिक आपात स्थितियों से बचाना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है. योजना के तहत राज्य सरकार श्रमिकों के लिए भविष्य निधि में योगदान करती है. चिकित्सा सहायता, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में सहायता, कामगारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए मदद, सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर ब्याज सहित राशि प्रदान किया जाता है.