कोलियरी प्रबंधक को 10 घंटे तक बनाया बंधक, प्रबंधन ने रद्द किया तबादला आदेश
चार महिला कर्मचारियों के तबादले के विरोध में एचएमएस से संबद्ध कोलियरी मजदूर कांग्रेस (सीएमसी) ने श्रीपुर सतग्राम एरिया के भनोड़ा वेस्ट ब्लॉक कोलियरी प्रबंधक अरविंद गुप्ता को करीब दस घंटे तक उनके कार्यालय में ही बंधक बनाकर आंदोलन किया.
By AMIT KUMAR | Updated at :
आसनसोल.
चार महिला कर्मचारियों के तबादले के विरोध में एचएमएस से संबद्ध कोलियरी मजदूर कांग्रेस (सीएमसी) ने श्रीपुर सतग्राम एरिया के भनोड़ा वेस्ट ब्लॉक कोलियरी प्रबंधक अरविंद गुप्ता को करीब दस घंटे तक उनके कार्यालय में ही बंधक बनाकर आंदोलन किया. इस बीच पुलिस सीआइएसएफ और विभागीय सुरक्षा कर्मियों ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन यूनियन के प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अड़े रहे और सुबह नौ बजे से सात बजे प्रबंधक कार्यालय के समक्ष अपनी मांगों पर अड़े रहे. आखिरकार प्रबंधक ने चारों महिला कर्मचारियों के तबादला आदेश को वापस लेने के बाद यूनियन एक आंदोलन समाप्त हुआ और प्रबंधक श्री गुप्ता कार्यालय से बाहर निकले. आंदोलन में यूनियन के सांगठनिक सचिव व एरिया सेफ्टी और वेलफेयर कमेटी के सदस्य सिंटू कुमार भुइयां, कॉरपोरेट सेफ्टी मेंबर जयंत दत्ता, यूनियन के भनोड़ा इकाई के अध्यक्ष निशिकांत बाउरी, सचिव सुकुमार बाउरी, सांगठनिक सचिव निरुपम पात्रा, सहायक सचिव दिनेश तेली के साथ चार महिला कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल रही.गौरतलब है कि भनोड़ा वेस्ट ब्लॉक कोलियरी के प्रबंधक श्री गुप्ता ने छह मार्च 2026 को मेकेनिकल फिल्टर हेल्पर कल्पना घोष, जनरल असिस्टेंट बबिता मंडल और सोमा राउथ तथा फैन ऑपरेटर मालती भुइयां का तबादला कोलियरी में ही दूसरे स्थान पर कर दिया. इस मुद्दे को लेकर सीएमसी यूनियन ने सोमवार सुबह नौ बजे से प्रबंधक को उनके कक्ष में ही बंधक बनाकर आंदोलन शुरू किया. उनके कक्ष के बाहर सभी धरने पर बैठ गये और उन्हें कक्ष से बाहर नहीं निकलने दिया. पुलिस, सीआइएसएफ और विभागीय सुरक्षा कर्मियों के प्रयास के बावजूद भी प्रबंधक को मुक्त नहीं करा पाये. यूनियन के सांगठनिक सचिव श्री भुइयां ने कहा कि प्रबंधन अपने मन मर्जी से काम कर रहा है. वर्षों से जो कर्मचारी एक स्थान पर कार्य कर रहे हैं, उन्हें बिना किसी कारण के हटा दिया गया. इससे इसीएल के साथ-साथ कमर्चारियों का भी नुकसान होगा. जिसे लेकर आंदोलन किया गया. आंदोलन के दौरान यूनियन के प्रतिनिधि ने जो खाना खाया, वही भोजन प्रबंधक को भी भेजा गया. चाय, पानी, नाश्ता भी प्रबंधक को भेजा गया. दस घंटे तक आंदोलन चला, आखिरकार प्रबंधन ने अपना फैसला वापस लिया और तबादला आदेश को स्थगित कर दिया. उन्होंने कहा कि यूनियन श्रमिकों के हक को लेकर सदैव उनके साथ है.