जिले के सिउड़ी विधानसभा अंतर्गत इरिगेशन विभाग के मैदान में सोमवार को एक विशाल चुनावी जनसभा आयोजित की गयी. तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी उज्ज्वल चटर्जी के समर्थन में पहुंचीं पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बंगाल के प्रवासी श्रमिकों और बांग्ला भाषियों पर अत्याचार करती है, वह आज किस मुंह से बंगाल के लोगों से वोट मांगने आयी है.
प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न का मुद्दा
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और गोवा जैसे भाजपा शासित राज्यों में बंगाल के युवकों और श्रमिकों को ””बांग्लादेशी”” कहकर प्रताड़ित किया जाता है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में बंगाल के लगभग डेढ़ करोड़ युवक अपनी दक्षता और योग्यता के आधार पर काम कर रहे हैं. ये राज्य यहाँ के युवकों का हुनर तो इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बाद में उन पर अत्याचार करते हैं. ममता ने कहा कि भाजपा के लोगों को अब लज्जा आनी चाहिए.
केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप
ममता बनर्जी ने केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा को ””तानाशाही सरकार”” करार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान के अध्यायों को बदलने का प्रयास कर रही है. उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा, ‘मैंने लक्खी भंडार का वादा किया और उसे पूरा किया. इसके विपरीत, भाजपा ने दिल्ली चुनाव में ढाई हजार रुपये देने का वादा किया था जो आज तक अधूरा है. बिहार में भी चुनाव से पहले पैसे दिये गये और बाद में बुलडोजर चलाकर उन रुपयों को वापस मांगा जाने लगा.’
एनआरसी और खान-पान पर पाबंदी का विरोध
एनआरसी के मुद्दे पर जनता को आगाह करते हुए ममता ने कहा कि यदि भाजपा बंगाल में आयी, तो वह यहां के मूल निवासियों को ही बाहर कर देगी. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों के खान-पान पर पाबंदी लगाना कतई उचित नहीं है. मोदी बाबू को बंगाल की संस्कृति का ज्ञान नहीं है, यहां मछली और भात मुख्य भोजन है. उन्होंने बताया कि ””जल भरो जल धरो”” योजना के तहत हजारों तालाब मछली उत्पादन के लिए खुदवाए गये हैं.
केंद्रीय वाहिनी और सरकारी योजनाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वाहिनी के आचरण पर भी सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि चेकिंग के नाम पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और उनके निजी सामानों की जांच के दौरान अशालीन आचरण किया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि ””स्वास्थ्य साथी”” और ‘लक्खी भंडार’ जैसी योजनाएं निरंतर जारी रहेंगी.
भविष्य के विकास का खाका
आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आने वाले समय में हर गरीब के पास पक्की छत होगी और घर-घर पानी की सप्लाई पहुंचेगी. ‘दुआरे सरकार’ के बाद अब ‘दुआरे स्वास्थ्य सेवा’ शुरू की जायेगी. साथ ही बीरभूम जिले के सभी सती पीठों और पर्यटक स्थलों को जोड़कर एक विशेष कॉरिडोर बनाया जायेगा. ममता ने अंत में जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान षडयंत्र रचे जायेंगे और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने के लिए भारी फंड का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस मौके पर जिले की अन्य सीटों से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी भी मंच पर उपस्थित थे.