जामुड़िया में आइएसएफ कर्मी पर जानलेवा हमला, चुनाव से पहले हिंसा

विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के राखागोड़ा गांव में सोमवार को तब भारी तनाव फैल गया, जब इंडियन सेक्यूलर फ्रंट(आइएसएफ) के एक कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला कर दिया गया.

जामुड़िया.

विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के राखागोड़ा गांव में सोमवार को तब भारी तनाव फैल गया, जब इंडियन सेक्यूलर फ्रंट(आइएसएफ) के एक कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला कर दिया गया. संयुक्त मोर्चा(वामदल और आइएसएफ गठबंधन) ने इस हमले का सीधा आरोप सत्ताधारी तृणमूल के ”आश्रित गुंडों” पर लगाया है. पर आरोपों को तृणमूल ने सिरे से नकार दिया है.आइएसएफ के संयुक्त संयोजक के अनुसार, राखागोड़ा इलाके में माकपा और आइएसएफ गठबंधन की एक बैठक आयोजित की गयी थी. सभा समाप्त होने के बाद जब आइएसएफ कार्यकर्ता साहिब अली मंडल अकेले अपने घर लौट रहे थे, तभी कथित तौर पर 20 से 25 लोगों के समूह ने उन्हें घेर लिया. आरोप है कि हमलावरों ने तृणमूल सुप्रीमो के खिलाफ नारेबाजी से नाराज होकर साहिब अली पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया. घायल साहिब अली को गंभीर हालत में जामुड़िया पुलिस की मदद से आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जामुड़िया से माकपा प्रत्याशी मोहम्मद शब्बीर हुसैन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. कहा कि प्रशासन इस हमले में शामिल सभी 20-25 लोगों को तुरंत गिरफ्तार करे. हमलावरों के घरों की तलाशी ली जाए, वहाँ निश्चित रूप से अवैध हथियार मिलेंगे. तृणमूल को जामुड़िया में अपनी हार साफ दिख रही है, इसलिए वे इस तरह के कायराना हमले कर रहे हैं. वामपंथी कार्यकर्ता इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे. अस्पताल में उपचाराधीन साहिब अली मंडल ने बताया कि वह केवल पार्टी की बैठक से लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ.उनके अनुसार, हमलावर इस बात से चिढ़े थे कि वे आइएसएफ के लिए काम क्यों करते हैं वहीं, मौके पर मौजूद एक अन्य कार्यकर्ता ने पुष्टि की कि हमला तब हुआ जब साहिब अली अकेले पड़ गए थे. इन आरोपों पर पलटवार करते हुए तृणमूल के राज्य सचिव वी. शिवदासन दासु ने पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है दासु ने कहा इस घटना से तृणमूल का लेना-देना नहीं है. क्या हमलावरों के हाथ में टीएमसी का झंडा था? यह आम जनता का आक्रोश हो सकता है. जामुड़िया में माकपा और आइएसएफ का कोई वजूद नहीं है, वे केवल सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं. विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि यह कोई राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि दो पड़ोसियों के बीच का विवाद है . नल में पानी को लेने को लेकर दो औरतों में वाद- विवाद को लेकर मारपीट हुई थी. इसे राजनीतिक रंग देना सरासर गलत है. घटना के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है. जामुड़िया थाने में इस बाबत लिखित शिकायत की गयी है और मामले की पुलिस जांच कर रही है.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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