एसआइआर कार्य में बीएलओ पर बढ़ता दबाव

तिवारी का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि काम के दौरान ही खाना खाना पड़ रहा है क्योंकि लगातार सावधानी के साथ एसआइआर की प्रक्रिया संभालनी पड़ रही है.

फॉर्म भरने और डेटा मिलान में वोटरों की बढ़ी परेशानी दूसरे बूथों का काम भी एक ही बीएलओ पर पहुंचा

पानागढ़. कांकसा ग्राम पंचायत के पानागढ़ बाजार न्यू स्टेशन रोड स्थित 76 नंबर बूथ के बीएलओ अभिषेक तिवारी को रविवार को भी एसआइआर का काम करते देखा गया. वे वोटरों को फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाते और संबंधित दस्तावेज जुटाने में मदद करते नजर आये. तिवारी का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि काम के दौरान ही खाना खाना पड़ रहा है क्योंकि लगातार सावधानी के साथ एसआइआर की प्रक्रिया संभालनी पड़ रही है.

वोटरों की बढ़ी दिक्कतें

तिवारी के अनुसार कई लोग फॉर्म भरने और पुराना डेटा जुटाने में परेशान दिख रहे हैं. उनका कहना है कि राजनीतिक और सामाजिक संस्थाओं को आगे बढ़कर उन लोगों की मदद करनी चाहिए जो पढ़े-लिखे नहीं हैं. बीएलओ ने बताया कि उनके बूथ में लगभग एक हजार वोटर हैं, ऊपर से दूसरे बूथों के फॉर्म भी इसी बूथ पर आने लगे हैं.

उन्होंने बताया कि अधिकांश वोटरों के घर-घर जाकर फॉर्म बांटे जा चुके हैं. जो लोग रोजगार के सिलसिले में दूसरे प्रांत में हैं, उन्हें भी सूचना दी गयी है. कुछ दूसरे बूथों के वोटरों की तलाश कर उन्हें फॉर्म दिये जा रहे हैं. कई लोगों को अपने प्रांत से पुरानी वोटर सूची नहीं मिल पाने के कारण अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है.

दबाव में स्वास्थ्य पर असर

बीएलओ ने बताया कि वे जितना संभव हो मदद कर रहे हैं, लेकिन दबाव लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में रेलपार के एक बीएलओ उमेश साव कार्यभार की वजह से अस्वस्थ हो गए थे और उन्हें नर्सिंग होम में भर्ती कराना पड़ा था. क्षेत्र के कई बूथों में इसी तरह का दबाव देखा जा रहा है.

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Published by: Ganesh mahto

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