घरों पर चला बुलडोजर तो देना होगा 20 लाख : दुलाल भुईंया

नौ सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को पोलो ग्राउंड में आयोजित भुइयां समाज उत्थान समिति की सभा को संबोधित करते हुए श्री भुइयां ने ये बाते कहीं.

मंत्री मलय घटक बोले : खदानों में भाजपा का बुलडोजर आया है और तोड़ रहा गरीबों के घर नौ सूत्री मांगों को लेकर डीएम दफ्तर के समक्ष शाम 7:30 बजे तक हजारों लोगों ने दिया धरना

आसनसोल. झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री व अखिल भारतीय भुइयां समाज के अध्यक्ष दुलाल भुइयां ने ऐलान किया कि शिल्पांचल में एक भी घर पर उचित मुआवजा के बुलडोजर चलने पर जेल भरो आंदोलन होगा. कोयला कंपनी बुलडोजर का डर दिखा रही है, बुलडोजर से डरनेवाले हम नहीं हैं. अपने खून-पसीने से कोयला खदानों को सींचकर आज यहां तक लाये हैं. जरूरत पूरा होगा तो हमें विस्थापित किया जा रहा है. हर घर के लिए 10 से 20 लाख रुपये कंपनी को चुकाना होगा, जिसके बाद ही लोग वहां से हटेंगे. नौ सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को पोलो ग्राउंड में आयोजित भुइयां समाज उत्थान समिति की सभा को संबोधित करते हुए श्री भुइयां ने ये बाते कहीं. राज्य के श्रम व कानून मंत्री मलय घटक, भुइयां समाज उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष व कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सिंटू कुमार भुइयां, उनकी पत्नी व जेके कॉलेज पुरुलिया में हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. ललिता महतो, पश्चिम बंगाल हिंदी अकेडमी के सदस्य व विशिष्ट शिक्षक मनोज यादव, आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. बीरू रजक, कथाकार सृंजय सहित अनेकों लोग उपस्थित थे. अपने अधिकारों के सम्मान में, बहुजन आया मैदान में नारे को लेकर स्वाभिमान रैली का आयोजन किया गया था. राज्य के कानून मंत्री मलय घटक ने कहा कि कोयला खदानों में भाजपा का बुलडोजर आ गया है और बुलडोजर से जगह-जगह गरीबों का घर तोड़ा जा रहा है. भाजपा के नेता पांच साल तक नजर नहीं आते हैं, जैसे ही चुनाव करीब आता है, यह लोग नजर आने लगते हैं. सावधान रहिए, यह लोग सिर्फ झूठा वादा करते हैं. साल में दो करोड़ नौकरी का वादा करके, कितना नौकरी खा गया, यह सभी के नजर के सामने है.

रात 7:30 बजे तक डीएम ऑफिस के बाहर धरनारत रहे हजारों लोग

पोलो ग्राउंड में सभा के बाद वहां से स्वाभिमान रैली डीएम कार्यालय के लिए निकली, जहां डीएम को नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन देना था. हजारों की संख्या में लोग रैली में शामिल होकर डीएम कार्यालय पहुंचे. हालांकि डीएम किसी विशेष काम से बाहर गये थे, उन्होंने छह बजे तक कार्यालय में आने को कहा था, लेकिन वे सात बजे तक अपने कार्यालय पहुंचे. इस बीच प्रशासन की ओर से ज्ञापन एडीएम को देने की पेशकश की गयी, लेकिन लोग डीएम को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे. सात बजे डीएम पोन्नमबालम. एस अपने कार्यालय पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन लिया.

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By Ganesh mahto

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