आसनसोल.
गूगल पर बैंक ऑफ इंडिया बर्नपुर शाखा का नंबर सर्च करके हीरापुर थाना क्षेत्र के नतुनपल्ली, छोटादीघारी इलाके के निवासी राजीव लोचन सिन्हा साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गये और खुद के साथ अपने पिता के केवाइसी वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर अपराधियों ने उन्हें 8,08,800 रुपये का चूना लगा दिया. यह रकम दो खातों से निकासी की गयी. एक खाते से 3,78,800 और दूसरे खाते से 4.30 लाख रुपये निकल गये. जिसकी शिकायत उन्होंने एनसीआरपी में की और लिखित शिकायत साइबर क्राइम थाने आसनसोल में की.कैसे हो गयी ठगी?
पीड़ित श्री सिन्हा ने अपनी शिकायत में बताया कि मंगलवार (17 मार्च) को दोपहर करीब दो बजे उन्हें गूगल क्रोम पर बैंक ऑफ इंडिया बर्नपुर शाखा का नंबर तलाश करने के दौरान उन्हें 6206869112 नंबर मिला. जिसपर उन्होंने संपर्क किया, दूसरी ओर फोन पकड़ने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय बैंक मैनेजर के रूप में दिया और वीडियो कॉल के जरिये केवाइसी वेरिफिकेशन करवाने का प्रस्ताव दिया. उसी दिन शाम को सवा 4:17 मिनट पर और 5:19 मिनट पर विभिन्न नंबरों से व्हाट्सऐप पर संदेश प्राप्त हुआ और वीडियो कॉल करके कस्टमर सपोर्ट डॉट एपीके फाइल इंस्टॉल करने तथा अपने और अपने बुजुर्ग पिता का बैंक डिटेल्स साझा करने के लिए बहकाया गया. उनके बहकावे में वह आ गये और तुरंत ही दो लेनदेन में 8,08,800 रुपये खाते से निकल गये.“एपीके फाइल कहीं से मोबाइल पर आने से उसे क्लिक न करें, साइबर अपराधी एपीके फाइल भेजकर लोगों को लूट रहे हैं. एपीके फाइल के जरिये वे मैलवेयर भेज रहे हैं, जिससे आपके फोन का पूरा एक्सेस उनके पास चला जायेगा और वे अपने हिसाब से इसका उपयोग करेंगे. सावधानी और जागरूकता से ही इसपर अंकुश लगाया जा सकता है.”
