सेल आइएसपी में श्रमिक कोड व निजीकरण के खिलाफ गेट मीटिंग

आरोप लगाया कि केंद्र श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रहा है और सरकारी उद्योगों में श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करने की नीति पर काम किया जा रहा है.

इंटक से संबद्ध यूनियनों ने की मांग उचित कार्रवाई करे प्रबंधन बर्नपुर. सेल आइएसपी में सक्रिय इंटक से संबद्ध आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन और ठेकेदार मजदूर कांग्रेस की ओर से शुक्रवार शाम स्कॉब गेट के समक्ष गेट मीटिंग का आयोजन किया गया. सभा में केंद्र सरकार की ओर से लागू चार श्रमिक कोड को अविलंब रद्द करने की मांग की गई और आईएसपी को निजीकरण की दिशा में ले जाने के प्रयासों की कड़ी निंदा की गयी. सभा को संबोधित करते हुए इंटक नेता हरजीत सिंह ने कहा कि आइएसपी के स्कूल, अस्पताल और अन्य इकाइयों को निजी हाथों में सौंपने की कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं. आरोप लगाया कि केंद्र श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रहा है और सरकारी उद्योगों में श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करने की नीति पर काम किया जा रहा है. लंबित मांगों पर जोर : सभा में 39 माह के बकाया एरियर, एचआरए, नाइट अलाउंस सहित अन्य लंबित मांगों का मुद्दा उठाया गया. यूनियनों ने सेल प्रबंधन से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने पर जोर दिया. वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन की ओर से लगातार टालमटोल की जा रही है, जिससे श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है. यूनियन के महासचिव विप्लव माझी ने कहा कि चार श्रमिक कोड लागू कर श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया गया है. उन्होंने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर आईएसपी के अस्पताल और स्कूलों के निजीकरण के खिलाफ यह गेट मीटिंग आयोजित की गई. उन्होंने कहा कि प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है, जिसका संगठित विरोध जारी रहेगा. गेट मीटिंग में इंटक यूनियन के अध्यक्ष हरजीत सिंह, महासचिव विप्लव माझी, सचिव विवेकानंद कुमार, गुरमीत सिंह, ठेकेदार मजदूर कांग्रेस के महासचिव अजय राय, अध्यक्ष विजय सिंह, मोहम्मद अनवर, अशोक श्रीवास्तव, प्रदीप साह सहित बड़ी संख्या में कर्मी और समर्थक मौजूद थे.

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Published by: Ganesh mahto

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