मंत्री सिद्दीकुल्ला पर हमले में पांच लोग गिरफ्तार

पेशी. कालना महकमा अदालत में पेश किये गये आरोपी, दो की मांगी पुलिस रिमांड

कोलकाता/बर्दवान. पश्चिम बंगाल के मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता सिद्दीकुल्ला चौधरी के काफिले पर पूर्व बर्दवान जिले में हुए हमले के सिलसिले में शुक्रवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. उनके नाम महिउद्दीन बरा, शेख अजहरुद्दीन, सद्दाम मंडल, बंसी बयरा व साहेब शेख बताये गये हैं. शुक्रवार को पांचों आरोपियों को पुलिस ने कालना महकमा अदालत में पेश किया और इनमें से दो अभियुक्तों को रिमांड में लेने की अर्जी दी. हालांकि आरोपी हमले की घटना में अपनी लिप्तता से इंकार कर रहे हैं. ध्यान रहे कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बताये जा रहे कुछ लोगों ने गुरुवार को पूर्व बर्दवान के मंतेश्वर के विधायक व राज्य के ग्रंथागार मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी के वाहन पर पत्थरबाजी की और उसका शीशा तोड़ दिया. इसमें मंत्री के जख्मी होने की बात कही गयी. पुलिस बोली, मामले में और गिरफ्तारी संभव : पुलिस ने इस बाबत स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. एक पुलिस अफसर ने बताया कि पड़ताल के तहत जिले में छापेमारी की गयी और अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमले में इन लोगों की सीधी संलिप्तता के सबूत मिले हैं. मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है. पुलिस ने बताया कि मामले में कुछ अन्य लोगों की भी तलाश चल रही है. पर इस घटना का मुख्य आरोपी माना जा रहा मंतेश्वर पंचायत समिति का सभापति अहमद हुसैन अभी तक गिरफ्त में नहीं आया है. इस बीच, मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने हमले के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की जरूरत पर जोर दिया. जन शिक्षा विस्तार व पुस्तकालय सेवा मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने ‘पीटीआइ-भाषा’ से बातचीत में आरोप लगाया कि यह उनका कत्ल करने की कोशिश थी. मंतेश्वर से विधायक चौधरी ने आगे कहा, ‘‘मैं अब ठीक हूं. आज सुबह वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने मुझे फोन करके बताया कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने उन्हें संदेश भेजा है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जायेगी.’’ गुरुवार को मंत्री ने आरोप लगाया था कि उन पर जानलेवा हमला किया गया है. उनके मुताबिक स्थानीय पंचायत प्रधान रफीकुल इस्लाम शेख के नेतृत्व में तृणमूल से जुड़ी भीड़ ने उनके वाहन पर पत्थर फेंके और शीशा तोड़ दिया, जिससे उनके हाथ में चोट आयी. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंत्री सिद्दीकुल्ला जब मंतेश्वर क्षेत्र से गुजर रहे थे, तब कुछ कथित तृणमूलकर्मियों ने उन्हें काले झंडे दिखाये और उनके खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे भी लगाये. कुछ स्थानीय लोग दबी जुबान से कह रहे हैं कि भ्रष्ट मंत्री से परेशान लोगों ने यह प्रतिवाद जताया. उनकी शिकायत है कि मंत्री ने बीते चार वर्ष से ज्यादा समय में मंतेश्वर के लोगों के विकास के लिए कुछ नहीं किया. हम अपनी शिकायतें सुनाना चाहते थे, पर उनका काफिला तेजी से निकलने लगा. इससे उनके वाहन को कुछ नुकसान हुआ होगा. स्थानीय लोगों के अनुसार मंत्री हत्या की कोशिश जैसे झूठे आरोप लगाने का नाटक कर रहे हैं. इस बीच, पुलिस ने मंत्री के काफिले पर पथराव और उन्हें काले झंडे दिखाने की घटना की पुष्टि की और कहा कि घटना के बाद भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया था. मंत्री को वहां से सुरक्षित ले जाया गया था.कौन कहता है नहीं किया विकास, बतायेंगे डीएम : मंत्री पूर्व बर्दवान जिले के मंतेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राज्य के ग्रंथागार मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने गुरुवार को उनके काफिले पर हमले और नारेबाजी की घटना को लेकर कहा, “कौन क्या कहता है, मुझे इससे कुछ लेना-देना नहीं है. पूर्व बर्दवान के जिलाधिकारी (डीएम) ही बताएंगे कि मैंने मंतेश्वर के विकास के लिए क्या-क्या किया है. मंतेश्वर ब्लॉक अस्पताल का कितना विकास हुआ है, जो कि आम लोगों के काम आयेगा.” बकौल मंत्री, “ मेरे विकास करने का तरीका अलग है. नहीं चाहता कि सरकारी कोष का गलत इस्तेमाल किया जाये. जनता का पैसा जनता के विकास में ही लगना चाहिए. जो लोग ये सोचते हैं कि दल में रह कर सरकारी फंड का गबन करेंगे, वे गलतफहमी में हैं. उन्हें मैं ऐसा नहीं करने दूंगा. कल की घटना के पीछे जो लोग भी पार्टी के थे, पार्टी की सुप्रीमो ममता बनर्जी व राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को जानकारी दे दी है. दल के बड़े नेता मामले की जांच कर अपना निर्णय करेंगे. सिद्दीकुल्ला चौधरी ने आगे कहा कि अगले चुनाव में वह कहां से खड़े होंगे, यह पार्टी ही तय करेगी. पुलिस की भूमिका पर भी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कैसे पुलिस की खुफिया एजेंसी ने कोई जानकारी नहीं थी और पुलिस ने विक्षोभकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की. मंत्री के मुताबिक उन्होंने रात में ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) को फोन कर कहा है. कल जो लोग आक्रामक हुए थे, वो निश्चय ही किसी के बहकावे में रहे होंगे. मालूम रहे कि गुरुवार को मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी के काफिले पर हमला किया गया. वहीं, मंत्री के सामने तृणमूल के ही छात्र, महिला व युवा संगठन के लोगों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाये और काले झंडे दिखा कर झाड़ू भी दिखाया था. मंत्री सिद्दीकुल्ला ने आगे कहा कि 14 वर्ष कैबिनेट मंत्री रहते हुए ऐसी घटना पहले ना कहीं सुनी – ना ही देखी. तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को भी घटना की जानकारी दे दी है. पुलिस हमलावरों को रोक नहीं पायी. एक डंडा तक नहीं मारा. पुलिस कभी इतनी असहाय व लाचार नहीं दिखी.

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Published by: Ganesh mahto

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