रानीगंज.
आसनसोल नगर निगम के वार्ड 36 के बरदही काली मंदिर के पास मौजूद तालाब को लेकर स्थानीय लोगों और मंदिर समिति ने चिंता जतायी है. धार्मिक महत्व रखनेवाले इस तालाब में मवेशियों को नहलाये जाने से जल प्रदूषित होने का आरोप लगाते हुए काली मंदिर समिति ने अब सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तालाब का उपयोग रोजमर्रा के कार्यों के अलावा आस्था के महापर्व छठ पूजा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पवित्र जल के रूप में किया जाता है. काली मंदिर की स्थापना के समय से ही यह तालाब श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है. इसके बावजूद आसपास के कुछ खटाल संचालक अपने मवेशियों को नहलाने के लिए इसी तालाब का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जल की स्वच्छता प्रभावित हो रही है.काली मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य पिंटू गुप्ता ने बताया कि खटाल मालिकों को कई बार समझाने और ऐसा न करने का अनुरोध करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि तालाब की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए समिति ने अब कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है.
समिति के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने मवेशियों को तालाब में नहलाते हुए पाया जाता है तो संबंधित पशुओं को रोक लिया जाएगा और उनके मालिकों से जुर्माना वसूला जायेगा. समिति ने सभी खटाल संचालकों से धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने में सहयोग की अपील की है. हालांकि स्थानीय खटाल मालिक का कहना है कि वे वर्षो से अपने मवेशी इसी तालाब में धो रहे है,अचानक लगे इस प्रतिबंध से वह लोग परेशान है.