जामुड़िया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी कमर कस ली है. इसी क्रम में आज पार्टी की ओर से प्रथम चरण में 144 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई, जिसमें जमुड़िया विधानसभा क्षेत्र से डॉ. बिजन मुखर्जी को उम्मीदवार बनाया गया है. डॉ. मुखर्जी के नाम की घोषणा होते ही क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.रानीगंज के बाद अब जामुड़िया के रण में
डॉ बिजन मुखर्जी ने पिछला विधानसभा चुनाव रानीगंज सीट से लड़ा था. उस चुनाव में उन्हें कड़े मुकाबले में तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी से लगभग 3500 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, हालांकि, उनकी सक्रियता और लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने इस बार उन्हें उनके गृह क्षेत्र जमुड़िया से चुनावी मैदान में उतारा है.
क्षेत्र से है गहरा नाता : बीजपुर के लाल हैं डॉक्टर मुखर्जी
डॉ. मुखर्जी को प्रत्याशी बनाए जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उनका ””धरती पुत्र”” होना माना जा रहा है. वह मूल रूप से जमुड़िया के बीजपुर के निवासी हैं. उनके परिवार की क्षेत्र में गहरी प्रतिष्ठा रही है; उनके पिता स्वर्गीय दिलीप मुखर्जी एक अत्यंत प्रख्यात और सम्मानित अधिवक्ता थे.
सफल चिकित्सक व सौम्य छवि
डॉ बिजन मुखर्जी(47) पेशे से प्रख्यात स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. उनकी गिनती क्षेत्र के बुद्धिजीवियों में होती है. राजनीति के साथ-साथ चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी सेवा भावना के कारण स्थानीय लोगों के बीच उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है. जमुड़िया में डॉ. मुखर्जी की उम्मीदवारी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. स्थानीय निवासी होने के नाते उन्हें ””बाहरी बनाम भीतरी”” के मुद्दे पर बढ़त मिलने की संभावना है. अब देखना यह होगा कि पिछले चुनाव की कसर वह अपने गृह क्षेत्र में जीत हासिल कर पूरी कर पाते हैं या नहीं.
