स्कूल की भूमि पर मालिकाना हक को लेकर विवाद गहराया

यह जमीन जिसका पुराना आरएस नंबर 376 और एलआर नंबर 645 है, पिछले कुछ समय से विवाद के केंद्र में है.

बीएलआरओ टीम ने की जमीन की पैमाइश

रानीगंज. रानीगंज के पीएन मालिया रोड स्थित श्री दुर्गा विद्यालय के सामने की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर स्कूल प्रबंधन और दो बाहरी लोगों ओम प्रकाश खंडेलवाल और मनोज तोदी के बीच चल रहा विवाद आज तब गरमा गया, जब भूमि और भू-सुधार कार्यालय(बीएलआरओ) के अधिकारियों की एक टीम जमीन की नपाई करने पहुंच गयी. यह जमीन जिसका पुराना आरएस नंबर 376 और एलआर नंबर 645 है, पिछले कुछ समय से विवाद के केंद्र में है.

33 वर्षों से जमीन का उपयोग करने का स्कूल प्रबंधन का दावा

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह ज़मीन पिछले 33 वर्षों से उनके ही कब्जे में है और इसका इस्तेमाल स्कूल के विद्यार्थी प्रार्थना, खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए करते हैं. स्कूल के अध्यक्ष सुभाष बनर्जी ने बीएल आरओ टीम के सामने स्पष्ट किया कि वह स्कूल के पहले दिन से ही इस ज़मीन को स्कूल का हिस्सा देखते आ रहे हैं. विद्यार्थी यहां प्रार्थना करते हैं और टिफिन की छुट्टी में खेलते हैं,विद्यालय के मुख्य द्वार का आवागमन है.श्री बनर्जी ने समझौते की किसी भी गुंजाइश से इनकार करते हुए कहा कि यह ज़मीन स्कूल की थी और भविष्य में भी रहेगी. कुछ दिन पहले, स्कूल प्रबंधन ने ज़मीन पर धारा 144 भी लागू करवा दी थी, क्योंकि कुछ लोग यहां बुलडोजर से तोड़फोड़ कर निर्माण कार्य करवा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती थी.

जमीन पर मनोज तोदी का अपना दावा

दूसरी ओर, ज़मीन पर अपना मालिकाना हक़ जताने वाले मनोज तोदी ने कहा कि यह ज़मीन उन लोगो की है और उनके पास इसके समर्थन में सभी आवश्यक कागजात मौजूद हैं.उन्होंने बताया कि उन्होंने बीएल आर ओ अधिकारियों को अपने कागजात और दलीलें पेश की हैं.तोदी का मानना है कि उन्हें अपनी ज़मीन पर न्याय मिलेगा. उन्होंने मेयर और स्थानीय पार्षद से भी इस संबंध में बात की है.

मनोज तोदी ने स्कूल कमेटी के अध्यक्ष सुभाष बनर्जी, पूर्व अध्यक्ष दिव्येंदु भगत, रूपेश यादव और स्कूल के टीचर इंचार्ज रंजीत रंजन बिंद पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया. तोदी ने कहा कि स्कूल का मुख्य गेट दूसरी तरफ है, जहां 12 फुट का रास्ता है, जो स्कूल के लिए पर्याप्त है, फिर भी उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया है.उन्होंने स्कूल प्रबंधन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे यह साबित कर दें कि ज़मीन मालिकों ने लिखित में ज़मीन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी, तो वह अपना दावा छोड़ देंगे. फिलहाल, बीएलआरओ की टीम की ओर से की गयी नपाई और दोनों पक्षों के दावों के बीच इस भूमि विवाद का क्या नतीजा निकलता है, यह देखना बाकी है.

स्कूल प्रबंधन को स्थानीय नेताओं का समर्थन

घटना की सूचना मिलने पर रानीगंज ब्लॉक टाउन टीएमसी अध्यक्ष रूपेश यादव और 88 नंबर वार्ड की पार्षद नेहा साव भी मौके पर पहुंचीं.रूपेश यादव ने भी स्कूल प्रबंधन के दावे का समर्थन करते हुए कहा कि वह भी पहले दिन से ही इस ज़मीन को स्कूल की देखते आ रहे हैं.उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी भू-माफिया को रानीगंज के 1400 विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पार्षद नेहा साव ने बताया कि बीएलआरओ अधिकारी स्कूल प्रबंधन और दावा करने वाले दोनों पक्षों से बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी काम कागजातों के अनुसार किए जाएंगे और किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं होगी.

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Published by: Ganesh mahto

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