रानीगंज.
रानीगंज के कुमार बाजार इलाके में स्थित एचपी गैस डीलर मंडल गैस एजेंसी के गोदाम पर शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब दर्जनों उपभोक्ताओं ने एजेंसी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. ग्राहकों का आरोप है कि बुकिंग और भुगतान के बावजूद उन्हें महीनों से सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है.पैसा जमा, मोबाइल पर मैसेज हाजिर, पर चूल्हा ठंडा
प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित लोगों ने बताया कि वे कई बार बर्न्स प्लाट स्थित एजेंसी के मुख्य कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं. उपभोक्ता किसी तरह एक गैस सिलिंडर पाने के लिए भोर 4 बजे से लाइन लगा रहे है. ग्राहकों का दावा है कि उन्होंने सिलेंडर के लिए निर्धारित राशि जमा कर दी है.उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भी आ चुका है ,किसी – किसी उपभोक्ता के मोबाइल पर तो दो-दो बार ओटीपी आने के के बावजूद, हफ्तों बीत जाने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिला है.
कालाबाजारी का गंभीर आरोप
हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी प्रबंधन पर कालाबाजारी का गंभीर आरोप लगाया. लोगों का कहना था कि जब वे अपनी शिकायत लेकर कुमार बाजार स्थित गोदाम पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि वहां भारी संख्या में भरे हुए सिलेंडर मौजूद हैं.
इसके बावजूद एजेंसी कर्मचारियों ने उन्हें सिलेंडर देने से मना कर दिया। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि सिलेंडर आम जनता को देने के बजाय ऊंचे दामों पर कहीं और खपाए जा रहे हैं.रानीगंज के लगभग जितने भी कैटरर है,सभी को मंडल गैस एजेंसी कमर्शियल सिलिंडर के साथ डोमेस्टिक सिलिंडर भी प्रदान कर रहे है,पर उनके हिस्से का सिलिंडर नही दी जा रही है,सबसे बड़ी बात यह है कि उपभोक्ताओं के द्वारा लगातार प्रदर्शन तथा डीलर को खरी खोटी सुनाने के बावजूद कोई असर नहीं पड़ रही है.एक पीड़ित गैस उपभोक्ता ने कहा कि गैस न होने की वजह से हमारे घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है. जब पैसे दे दिए हैं और गोदाम में सिलेंडर भरा पड़ा है, तो हमें क्यों नहीं दिया जा रहा? हमारी मांग है कि जिन लोगों ने बुकिंग कराई है, उन्हें तुरंत सिलेंडर मुहैया कराया जाए.गैस की किल्लत की वजह से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रानीगंज में और भी कम्पनी के डीलर है,पर उनके यहां यह समस्या नहीं है,जितनी समस्या है ,सब मंडल गैस एजेंसी की है. उपभोक्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे और एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच की जाए ताकि बुकिंग कराने वाले वैध ग्राहकों को उनका हक मिल सके.