गठबंधन से कमजोर हुई कांग्रेस, बंगाल में 294 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार : मीर

जद्दोजहद. बंगाल में हम हैं शून्य पर, आगामी दिनों के लिए करनी है जमीन तैयार

आसनसोल. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तथा जम्मू कश्मीर के विधायक गुलाम अहमद मीर ने कहा कि पिछले एक साल की समीक्षा के अनुसार जहां-जहां हम गठबंधन में गये, वहां-वहां कांग्रेस दिन-प्रतिदिन कमजोर होती गयी. जिससे कैडर खत्म होता है, राष्ट्रीयता भी खत्म होती है. देश जितना रंगों में बंटेगा उसकी एकता उतनी कमजोर होगी. कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जो मणिपुर से लेकर मुंबई तक और कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक देश को इकट्ठा रख सकती है. ऐसे में हम तो अभी फिलहाल जीरो (बंगाल में) पर हैं, इसमें शर्म वाली बात नहीं है. अगर हम अपने बलबूते पर जाएं और 294 सीटों पर लड़ें तो आगे के लिए जमीन उर्वर हो जायेगी. पूरी कोशिश के साथ बंगाल में चुनाव लड़ेंगे. देखना यह होगा कि पश्चिम बंगाल के लोग क्या रिजल्ट देते है. हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है. जिनको खोने के लिए कुछ हैं, वह आपस में टैक्टिकल अंडरस्टैंडिंग रखे हुए हैं, एक पार्टी एजेंडा पैदा करती है और दूसरे को हथियार देती है. दूसरी पार्टी एजेंडा पैदा करती है तो पहले का मौका बना देती है. इस बार हम चाहते हैं कि बंगाल तृतीय विकल्प को देखें. बंगाल की इकाई जो तय करेगी, हम उसी निर्णय के साथ आगे चलेंगे. यहां के यूनिट पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं देंगे. रविवार को बर्नपुर मिडटाउन क्लब में कांग्रेस की बीएलओ-दो को लेकर आयोजित वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्री मीर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही. कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार, जिलाध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती, इंटक नेता हरजीत सिंह तथा विभिन्न ब्लॉक से आये नेता उपस्थित थे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी, यह बंगाल के लोगों की मांग है. कांग्रेस के जमाने में इसे औद्योगिक शहर बनाया गया था, यहां उद्योगों की शुरुआत हुई, क्षेत्र में एक के बाद एक कई कारखाने लगे. जहां पर हजारों लोगों को रोजगार मिला. कांग्रेस के यहां के सत्ता से जाते ही उद्योगों का आधा दरवाजा बंद हो गया, तृणमूल के सत्ता में आने के बाद उद्योगों का पूरा दरवाजा बंद हो गया और वहां मल्टीस्टोरेज बिल्डिंग बनने लगे. कांग्रेस यदि नहीं होगी तो आने वाले दिनों में नयी पीढ़ी के बच्चों को रोजगार नहीं मिलेगा, इसलिए कांग्रेस को यहां जिंदा करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि तृणमूल सिर्फ अपना निजी स्वार्थ को पहचानती है. इसके अलावा उसे कुछ नजर नहीं आता. कांग्रेस को अपने पैरों पर खड़ा होना होगा, इसलिए आने वाले विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटों पर प्रतिद्वंद्विता करेगी.

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By Ganesh mahto

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