पुरुलिया. जिला में इन दिनों चरक उत्सव की धूम मची है. भगवान विष्णु के चक्र और शिवभक्ति को समर्पित इस पारंपरिक उत्सव में हर साल लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं. मंगलवार सुबह से ही जिले के विभिन्न शिव मंदिर परिसरों में पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुट रहे हैं.
एक माह चलता है धार्मिक अनुष्ठान
चैत्र कृष्णपक्ष से शुरू होकर लगभग एक महीने तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में यह उत्सव मनाया जाता है. इस दौरान भक्त अपने शरीर पर कांटों वाली रस्सी बांधकर ऊंचे चरक पर चढ़ते हैं और नृत्य करते हुए भक्ति का प्रदर्शन करते हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजन व मेले
बाघमुंडी के लोहारिया, पारा के अनारा और रघुनाथपुर के नंदद्वार शहीद सहित कई क्षेत्रों में चरक उत्सव भव्य रूप से आयोजित हो रहा है. इन स्थानों पर बड़े मेले लग रहे हैं और कई दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं. स्थानीय कलाकार छउ नृत्य, झुमुर गीत और जात्रा के जरिए लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. विभिन्न चरक स्थलों पर भारी पुलिस बल और मेडिकल टीम तैनात है. आकर्षक सजावट और लाइटिंग के बीच हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार यह उत्सव अच्छी फसल और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.