बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
बीरभूम जिले में बालू और पत्थर कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में टुलृ मंडल के करीबी लोगों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सोना और नकदी बरामद होने के बाद जिले के बालू कारोबारियों की संपत्ति और उनकी तेज आर्थिक तरक्की पर चर्चा तेज हो गई है. इसी क्रम में इलामबाजार थाना क्षेत्र के देवीपुर गांव निवासी बालू कारोबारी बापन भट्टाचार्य का नाम भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
कार चालक के पेशे में थे
स्थानीय लोगों का दावा है कि बापन भट्टाचार्य कभी चार पहिया वाहन चलाकर अपना जीवनयापन करते थे. बाद में उनकी पहचान बालू कारोबार से जुड़े लोगों से हुई और साझेदारी के आधार पर उन्होंने इस कारोबार में प्रवेश किया. आरोप है कि बालू कारोबार में आने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बेहद तेजी से बदली और कुछ ही वर्षों में उन्होंने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली.
महंगी कारों का है बड़ा गैरेज
ग्रामीणों के अनुसार, देवीपुर गांव में उनका भव्य मकान है. परिसर में कई महंगी गाड़ियों के लिए बड़ा गैरेज बनाया गया है और महंगी नस्ल के कुत्ते भी पाले जाते हैं. उनकी बदली हुई जीवनशैली अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक समय वाहन चालक रहे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति इतनी तेजी से कैसे बदल गई.
बेनामी संपत्ति होने के भी लग रहे आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि देवीपुर के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी बापन भट्टाचार्य के नाम या कथित तौर पर बेनामी संपत्तियां मौजूद हैं.हालांकि, इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच एजेंसी की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है. इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
टुलू मंडल प्रकरण के बाद बढ़ी चर्चा
बीरभूम में लंबे समय से बालू कारोबार को लेकर सिंडिकेट, अवैध खनन और करोड़ों रुपये के लेन-देन के आरोप लगते रहे हैं. टुलू मंडल से जुड़े मामले में हालिया कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य बालू कारोबारियों की संपत्ति और आय के स्रोत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.इसी वजह से बापन भट्टाचार्य की आर्थिक तरक्की भी चर्चा के केंद्र में आ गई है.
आधिकारिक पुष्टि नहीं, पक्ष भी नहीं आया सामने
बापन भट्टाचार्य के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की किसी सरकारी एजेंसी ने अब तक पुष्टि नहीं की है. उनकी संपत्ति का वास्तविक मूल्य, आय का स्रोत अथवा बालू कारोबार से अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने संबंधी आरोपों पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. इस संबंध में बापन भट्टाचार्य का पक्ष भी उपलब्ध नहीं हो सका.
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जांच के बाद मिलेगा इन सवालों का जबाव
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार चालक से बालू कारोबारी और फिर कथित तौर पर करोड़ों की संपत्ति तक पहुंचने का यह सफर आखिर कैसे तय हुआ? क्या बालू कारोबार ही इस तेज आर्थिक उछाल की वजह बना या इसके पीछे आय का कोई और स्रोत है? इन सवालों का जवाब अब आधिकारिक जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
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