धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांट रही है भाजपा : मो सलीम

पानागढ़ में सीपीएम की जनसभा, शुरू हुआ दो दिवसीय राज्य सम्मेलन

पानागढ़. पश्चिम बर्दवान जिले के पानागढ़ कांकसा में रविवार से दो दिवसीय सीपीआइएम का सारा भारत खेत मजदूर व ग्रामीण श्रमजीवी यूनियन का राज्य सम्मलेन शुरू हुआ. सम्मेलन को केंद्र कर रविवार को पानागढ़ बाजार ऑफिस पाड़ा में एक जनसभा का आयोजन किया गया. जनसभा में मुख्य वक्ता सीपीएम के राज्य पार्टी सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर देश और राज्य को बाट रही है . पहले पाकिस्तान के नाम पर देश को बाटती थी, अब राज्य को भाजपा बांग्लादेश के नाम पर बाट रही है. भाजपा की मानसिकता ही है देश की अखंडता को तोड़ना. हिंदू मुस्लिम के नाम पर जहर उगलना. बंगाल के प्रवासी श्रमिकों मजदूरों को बांग्ला बोलने पर भाजपा शासित राज्यों में बांग्लादेशी करार कर उन पर हमला किया जा रहा है, यह कहां का न्याय है. पहले नजरुल पर आक्रमण किया गया अब रवींद्रनाथ को निशाना बनाया जा रहा. भाजपा की मानसिकता यही रही है. धर्म, जाति, ऊंच, नीच के बीच आग लगाकर देश को लोगों को बांटना. मोहम्मद सलीम ने कहा कि हम लोगों को इस अन्याय के विरुद्ध लड़ना होगा. धर्म के नाम पर राजनीति के हम लोग खिलाफ हैं. एक महिला की इज्जत लूटने पर हम लोग चुप नहीं बैठेंगे. हमें प्रतिवाद करना होगा, क्योंकि तृणमूल और राज्य की पुलिस मूक दर्शक बन गयी है. राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गयी है. राज्य अराजकता की स्थिति कायम है. तानाशाही सरकार चल रही है. पुलिस तृणमूल की गुंडा बन गयी है. भ्रष्टाचार और लूट की राजनीति चल रही है. इस दौरान एसआइआर को लेकर भी मोहम्मद सलीम ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. संगठन के ऑल इंडिया संयुक्त सचिव विक्रम सिंह ने भी अपने भाषण में भाजपा और तृणमूल सरकार पर जमकर हमला किया. हिंदी में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि हम अपने काम का पूरा दाम मांगने आये हैं. हमें उस पर अपनी हिस्सेदारी चाहिए. यह मजदूरों के आंदोलन की धरती है. अनेकों संग्राम, अनेकों हड़ताल मजदूरों ने अपने हकों के लिए किये हैं. मौजूदा सरकार ने हम मजदूरों पर लेबर कोड लागू कर हमारे लड़ने की क्षमता को कम करने का षड्यंत्र किया है. हम इसके खिलाफ अपने लड़ाई जारी रखेंगे. विक्रम सिंह ने हुंकार भरते हुए कहा कि हमें अपने काम का अधिकार चाहिए. बंगाल में मनरेगा में जो भ्रष्टाचार हुआ, उसके पीछे तृणमूल और भाजपा का हाथ था. आज भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार कोई मुंह नहीं खोल रही है. एक समय आयेगा, जब इसी मनरेगा के मजदूर आंदोलन पर उतर आयेंगे तो ईंट से ईंट बजा देंगे. मौके पर संगठन के राज्य सभापति तुषार घोष, ए विजयराघवन, अमीय पात्र, निरापद सरदार तथा वन्या टुडू, वीरेश मंडल आदि नेताओं ने भी अपनी बात रखी.

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Published by: Ganesh mahto

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