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Bengal News| बीरभूम जिले के इलम बाजार ब्लॉक में एसआईआर सुनवाई के नाम पर वोटरों को परेशान करने के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध में उतरे लोगों ने बस स्टैंड से स्कूल चौराहे तक सड़क को जाम कर दिया. इसके चलते काफी देर तक यातायात बाधित रहा. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए. लोगों का कहना था कि पहले मसौदा लिस्ट में दर्ज नाम वालों की सुनवाई का नोटिस जारी होना चाहिए था. लोगों का कहना है कि कुछ लोग उन्हें पाकिस्तानी और बांग्लादेशी बता रहे हैं, उन्हें भारत छोड़कर जाने को कह रहे हैं, लेकिन जो लोग आजादी से पहले से इस देश में रह रहे हैं, उन्हें इस तरह क्यों परेशान किया जा रहा है.
गुस्साये लोगों ने सड़क को किया जाम
एक प्रदर्शनकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उसके पिता के चार बेटे थे, लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि उनके छह बच्चे थे. सरकारी अधिकारी उनके पिता के चरित्र पर सवाल उठ रहे हैं. गुस्साये लोगों ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है. लोगों का कहना है कि वो SIR से अपनी नागरिकता साबित करने को बाध्य नहीं है. आम लोगों के उग्र विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची. बोलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राणा मुखर्जी स्थिति को संभालने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने ने लोगों से बातचीत की. काफी प्रयास के बाद हालात हुए. बोलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राणा मुखर्जी ने कहा कि कोई समस्या नहीं है. अब स्थिति नियंत्रण में है.
फॉर्म-7 जमा करने को लेकर हंगामा
इससे पहले पूर्व बर्दवान के बर्दवान उत्तर अनुमंडल कार्यालय परिसर में शनिवार को एसआइआर फॉर्म-7 जमा करने को लेकर हंगामा हुआ था. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गये थे. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ जम कर नारेबाजी की थी. कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गयी थी. भाजपा का आरोप है कि बर्दवान नॉर्थ सब-डिवीजनल अफसर (एसडीओ) राजर्षि नाथ एसआइआर फॉर्म-7 स्वीकार नहीं कर रहे थे. इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ता विरोध जताते हुए नारेबाजी करने लगे. भाजपा नेताओं का कहना है कि आम लोगों से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन की भूमिका पक्षपातपूर्ण है.
बचाव में उतरी तृणमूल
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस बिना देर किये आरोपों में घिरे एसडीओ के बचाव में उतर आयी. भाजपा के आरोपों को सिरे से नकारते हुए तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि एसडीओ कार्यालय में सुनवाई के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने जानबूझ कर अशांति व गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की. स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए तृणमूल कार्यकर्ता सामने आये. बवाल बढ़ता देख पुलिस बल मौके पर पहुंची और हालात संभालने की कोशिश की. पुलिस ने चार भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई. हालात को काबू में करने के लिए बर्दवान उत्तर महकमा क्षेत्र में रैफ की तैनाती की गयी है.
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