110 दिन फरार रहे मोहम्मद आसिफ ने किया सरेंडर, भेजा गया हवालात

समर्पण. जावेद बारिक हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

By GANESH MAHTO | December 20, 2025 12:34 AM

रिश्ते में मृतक का बहनोई है आसिफ, जमीन को लेकर लंबे समय से था विवाद, नौ लोग पहले से हैं गिरफ्तार हत्या के लिए पांच लाख की दी थी सुपारी, हालांकि शूटरों को नहीं मिले थे रुपये, कहने पर ही कर दिया था काम आसनसोल/नियामतपुर. 110 दिनों से फरार रहा मोहम्मद आसिफ खान आखिरकार पुलिस का दाबाव नहीं झेल पाया और शुक्रवार को उसने अदालत में खुद को सरेंडर कर दिया. जावेद बारिक हत्याकांड का वह मुख्य आरोपी है. इसी ने ही हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी. मामले में सारे शूटर और अन्य साजिशकर्ता कुल नौ लोग पकड़े जा चुके हैं, पुलिस को मोहम्मद आसिफ की तलाश थी. उसके सरेंडर करने को पुलिस अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है. जांच अधिकारी ने उसे सात दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की, अदालत ने चार दिनों का रिमांड मंजूर किया. गौरतलब है कि इसी साल 29 अगस्त को रात को कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर पुलिस फांड़ी अंतर्गत सीतारामपुर रहमानपाड़ा इलाके के निवासी व आसनसोल नगर निगम के कर्मी जावेद बारिक को उनके घर सामने ही अपराधियों ने गोली मार दी. गोली सिर में लगी और घटनास्थल पर ही जावेद की मौत हो गयी. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. पुलिस ने मोर्चा संभाला है घटना के सात दिनों के अंदर ही पूरा मामला साफ कर दिया. इस मामले में कुल नौ आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं. जिस पिस्तौल से गोली चली थी, वह हथियार बरामद हो चुका है. सारे शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में और सभी के बयानों से यह बात सामने आयी कि मोहम्मद आसिफ खान ने हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी मोहम्मद चांद नामक एक युवक को दी थी. चांद ने चार शूटरों को काम सौंपा. पैसा लिए बगैर ही शूटरों ने कांड को अंजाम दे दिया. सभी गिरफ्तार हो चुके हैं. सिर्फ मुख्य आरोपी मोहम्मद आसिफ पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. आखिरकार वह भी पुलिस के दाबाव के आगे झुक गया और अदालत में आकर सरेंडर कर दिया. पुलिस के अनुसार जमीन विवाद को लेकर आपसी रंजिश थी. जिसके कारण यह हत्या हुई.

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