जामुड़िया.
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) की ओर से सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र में बिजली कटौती का फैसला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा और स्थानीय लोगों के लिए जन-आंदोलन का सबब बनता जा रहा है. स्थानीय विधायक हरेराम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सातग्राम एरिया कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की.विधायक का सख्त रुख : जनता की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक हरेराम सिंह ने ईसीएल प्रबंधन पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के निर्धारित समय से अधिक बिजली काटी जा रही है.इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जीवन और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है. विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बिजली कटौती का फैसला तुरंत वापस नहीं लिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
आम जनजीवन अस्त-व्यस्त व्यापार व खेती ठप
आंदोलन में शामिल स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि सिंचाई पंप बंद होने से फसलों के सूखने का खतरा पैदा हो गया है.व्यापारियों का कहना है कि बिजली न होने से दुकानों का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है. वहीं, गर्मी में बुजुर्ग व बच्चे बेहाल हैं विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां राज्य सरकार की बिजली अभी नहीं पहुंची है और लोग पूरी तरह इसीएल पर निर्भर हैं.
प्रबंधन की चुप्पी कायम
विधायक और जनता के इतने बड़े आक्रोश के बावजूद, खबर लिखे जाने तक सातग्राम एरिया कार्यालय या विद्युत विभाग की ओर से कटौती के कारणों या आपूर्ति बहाली के समय को लेकर कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. अधिकारियों की इस चुप्पी से स्थानीय लोगों में आक्रोश और बढ़ता जा रहा है.
