भातार ब्लॉक के उप-प्रधान को चुनाव आयोग का नोटिस

पूर्व बर्दवान जिले के भातार ब्लॉक अंचल के नित्यानंदपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान जुल्फिकार अली को चुनाव आयोग की ओर से शनिवार को नोटिस भेजा गया है.

बर्दवान/पानागढ़.

पूर्व बर्दवान जिले के भातार ब्लॉक अंचल के नित्यानंदपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान जुल्फिकार अली को चुनाव आयोग की ओर से शनिवार को नोटिस भेजा गया है. नोटिस में उन्हें 16 जनवरी को सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया है. नोटिस मिलने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता नजर आ रहा है.

सोशल मीडिया पर वीडियो, तृणमूल नेताओं के आरोप

नोटिस जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें युवा तृणमूल कांग्रेस की राज्य समिति के महासचिव और जिला परिषद के शिक्षा अधिकारी शांतनु कोयार जुल्फिकार अली के बगल में बैठे दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में जुल्फिकार अली अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. वहीं शांतनु कोयार ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल गांवों में चुन-चुनकर ज्यादा से ज्यादा नोटिस भेजे जा रहे हैं. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की ओर से चुनाव आयोग के माध्यम से की जा रही साजिश बताया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है. तृणमूल कांग्रेस इस कार्रवाई का विरोध करती है.

मतदाता सूची और नागरिकता को लेकर सवाल

मालूम हो कि जुल्फिकार अली नित्यानंदपुर ग्राम पंचायत के पटना गांव स्थित बूथ संख्या 57 के मतदाता हैं. उन्हें शनिवार सुबह सुनवाई का नोटिस सौंपा गया. जुल्फिकार अली का कहना है कि उनके नाम में कथित मेल न होने के कारण लिंक उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने यहीं से पढ़ाई कर स्नातक की डिग्री हासिल की है और उनकी दादी ने वर्ष 1947 में उनके पिता के नाम जमीन पंजीकृत कराई थी. उनके पास सभी संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उनसे नागरिकता का प्रमाण मांगे जाने पर उन्होंने सवाल उठाया है.

एक ही बूथ पर बड़ी संख्या में नोटिस

जानकारी के अनुसार बूथ संख्या 57 पर कुल 621 मतदाता हैं, जिनमें से 140 लोगों को नोटिस भेजा गया है. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी मतदाताओं को नोटिस भेजे जा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि जुल्फिकार अली तृणमूल कांग्रेस के उस वॉर रूम के प्रभारी रहे हैं, जो एसआईआर को लेकर पार्टी कार्यालयों में खोला गया था. वे पार्टी के बीईआरएस यानी ब्लॉक इलेक्टोरल रोल सुपरवाइजर के रूप में भी कार्यरत हैं. उन्हें नोटिस दिए जाने की घटना से तृणमूल नेतृत्व में नाराजगी देखी जा रही है.

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Author: AMIT KUMAR

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