मुकेश तिवारी, पानागढ़
आगामी 29 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में पूर्व और पश्चिम बर्दवान जिले की अहम गलसी विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला काफी रोचक हो गया है. प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं और क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है.उम्मीदवारों का ऐलान और रणनीति
तृणमूल कांग्रेस ने जमालपुर के वर्तमान विधायक और गलसी से पूर्व विधायक रह चुके आलोक कुमार माझी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है. वहीं भाजपा ने युवा नेता राजू पात्र को मैदान में उतारा है. कांग्रेस की ओर से पानागढ़ निवासी देवाशीष विश्वास उम्मीदवार हैं, जबकि माकपा ने इस बार मनीमाला दास को उम्मीदवार बनाकर महिला चेहरा सामने रखा है. इस बार फॉरवर्ड ब्लॉक ने उम्मीदवार नहीं उतारा है, जबकि यह सीट लंबे समय तक उसका गढ़ रही है.
इतिहास और राजनीतिक पृष्ठभूमि
1977 से 2011 तक यह सीट फॉरवर्ड ब्लॉक के कब्जे में रही और आठ बार उसने यहां जीत दर्ज की. 2016 में तृणमूल कांग्रेस के आलोक कुमार माझी ने इस ‘लाल दुर्ग’ को भेदते हुए जीत हासिल की. 2021 में तृणमूल ने नेपाल घरूई को गलसी से उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने जीत दर्ज की. हालांकि इस बार विकास कार्यों और अन्य मुद्दों को लेकर असंतोष के कारण तृणमूल ने उम्मीदवार बदलते हुए फिर से आलोक कुमार माझी पर भरोसा जताया है.
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
भाजपा, माकपा और कांग्रेस, तीनों ही दलों के उम्मीदवार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. तृणमूल जहां इस सीट पर हैट्रिक लगाने की कोशिश में है, वहीं भाजपा अपनी बढ़ती पकड़ के दम पर जीत हासिल करने के लिए प्रयासरत है.
कांग्रेस और माकपा के बीच गठबंधन नहीं होने से वोटों का बंटवारा एक बड़ा फैक्टर बन सकता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.