आसनसोल.
बांग्लार बाड़ी योजना के दूसरे चरण में जिला के 7200 लाभुकों के लिए फंड आवंटन हुआ. जिसकी पहली किश्त का 60 हजार रुपये लाभुकों के बैंक खाते में भेजने का कार्य बुधवार से शुरू हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगुर में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी सूचना की. परियोजना के दूसरे चरण में राज्य के कुल 20 लाख लाभुकों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये करके आवंटन किया जाएगा. जिला में आयोजित कार्यक्रम में 29 लाभुकों को मंजूरी पत्र दिया गया और एग्री प्रोजेक्ट के तहत छह लोगों को कृषि उपकरण प्रदान किया गया. मौके पर जिलाधिकारी पोन्नमबालम.एस, जिला परिषद के सभाधिपति विश्वनाथ बाउरी, जिला परिषद के मेंटोर वी. शिवदासन दासू, आसनसोल सदर के महकमा शासक विश्वजीत भट्टाचार्य व अन्य अधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी पोन्नमबालम.एस ने कहा कि बांग्लार बाड़ी परियोजना मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट में लाभुकों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये आवंटित किया जाता है. यह राशि दो किश्तों में लाभुकों को मिलती है. प्रथम किश्त की राशि 60 हजार रुपये में लिंटन तक कार्य पूरा करना होता है, जिसकी जांच के बाद दूसरे किश्त का 60 हजार रुपये निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मिलता है. परियोजना के प्रथम चरण में जिला में कुल आठ हजार लाभुकों को 96 करोड़ रुपये आवंटित किया गया. जिसका 97 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. दूसरे चरण में 7200 लाभुकों के लिए 86 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है. जिनकी पहली किश्त का पैसा गुरुवार तक सभी के खातों में पहुंच जायेगी. जिलाधिकारी ने लाभुकों से अनुरोध किया कि प्रथम किश्त के पैसे का उपयोग जल्द से जल्द करके दूसरे किश्त का हकदार बन जाएं, इसकी आवास जल्द बन जायेगा. दूसरे किश्त का राशि पाने में कोई समस्या होती है तो ग्राम पंचायत के प्रधान से संपर्क करें.जिला परिषद के सभाधिपति श्री बाउरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स बांग्लार बाड़ी परियोजना के तहत राज्य में 20 लाख लाभुकों के लिए फंड आवंटन करने की घोषणा सिंगुर में बुधवार को की. प्रथम किश्त की राशि सभी लाभुकों के खाते में एक दिन के अंदर ही चली जायेगी. मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में 12 लाख लाभुकों को और अब 20 लाख, कुल 32 लाख लाभुकों को इस परियोजना के दायरे में आवास मुहैया करा रही हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घाटाल मास्टर प्लान को भी मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने यह साफ संदेश दिया है कि बंगाल को दबाने का केंद्र जितना भी प्रयास कर ले, वह दबेगा नहीं. लोगों को सारी सुविधाएं मिलकर रहेगी. प्रधानमंत्री आवास योजना का फंड रोका गया तो दो साल में 32 लाख लोगों को राज्य सरकार ने अपने फंड से आवास दिया. पश्चिम बंगाल देश में पहला राज्य है, जो यह कर दिखाया.
