बेटे की हत्या के दोषी को उम्रकैद, 10 हजार का जुर्माना

आसनसोल : आसनसोल महकमा कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (द्वितीय) सुनीलमल दत्त ने गुरुवार को अपने पुत्र अमृत की हत्या में दोषी पाये गये जामुड़िया थाना अंतर्गत जादूगोड़ा निवासी पूरन कोड़ा उर्फ बाउरी को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा […]

आसनसोल : आसनसोल महकमा कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (द्वितीय) सुनीलमल दत्त ने गुरुवार को अपने पुत्र अमृत की हत्या में दोषी पाये गये जामुड़िया थाना अंतर्गत जादूगोड़ा निवासी पूरन कोड़ा उर्फ बाउरी को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया. इस मामले की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिजीत मुखर्जी ने की.

क्या है मामला

जामुड़िया थाना अंतर्गत जादूगोड़ा निवासी पूरन कोड़ा उर्फ पूरन बाउरी अपनी पत्नी सरस्वती कोड़ा के साथ रहता था. उसका दो बर्षीय पुत्र अमृत भी था. पूरन अक्सरहां श्राब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट करता था. 30 अक्टूबर, 2012 को पूरन ने शराब पीने के लिए पत्नी सरस्वती से पैसे की मांग की. उसकी पत्नी ने पैसा देने से इंकार कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच काफी विवाद हुआ. गुस्से में पूरन घर से निकल कर कहीं चला गया. दोपहर में वह शराब के नशे में घर लौटा. घर आकर उसने हंसिया से अपने दो वर्षीय पुत्र अमृत का गला काट दिया. इससे उसकी मौत हो गयी. उसकी पत्नी सरस्वती ने शोर मचा कर पड़ोसियों को इक्टठा कर लिया.

पड़ोसियों ने उसे पक ड़ कर जामुड़िया थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पत्नी सरस्वती के बयान के आदार पर पुलिस ने जामुड़िया थाना कांड संख्या 373/12, भादवि की धारा 302 के तहत दर्ज किया. उसे दूसरे दिन आसनसोल कोर्ट में चालान किया गया. कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस ने निर्धारित समय में चाजर्शीट तैयार कर कोर्ट को सौंप दिया तथा कोर्ट से कस्टडी ट्रायल की मांग की. सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष तेरह गवाहों के बयान दर्ज किये गये. गवाहों के बयान तथा साक्ष्यों की जांच के बाद अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री दत्त ने बुधवार को उसे हत्या का दोषी करार दिया. गुरुवार को उसे सजा सुनायी गयी.

मौके पर पूरन की पत्नी व शिकायतकत्र्ता सरस्वती कोड़ा भी मौजूद थी. उसने कहा कि साढ़े तीन वर्षो में उसे न्याय मिला है. उसके पति ने उसकी आंख के सामने उसके जिगर के टुक ड़ेकी हत्या कर दी थी. वह शराब के लिए पैसे नहीं दे पायी थी. इसमें सो रहे उसके दो वर्षीय बेटे की क्या गलती थी? उसने इस फैसले पर संतोष जताया.

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