काले धन के खिलाफ चल रह ेअभियान के तहत कोल इंडिया के सीवीओ मनोज कुमार ने सभी अधिकारियों व कर्मियों को चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा 31 जुलाई तक सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है. यह आदेश तीसरी बार दिया गया है. निर्देश का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की भी आशंका है.
सांकतोड़िया. कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी मनोज कुमार ने कोल इंडिया एवं अनुषंगी कंपनियों के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को 31 जुलाई तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है. ग्रुप डी के कर्मचारियों को इससे अलग रखा गया है. हालांकि संपत्ति का खुलासा करने से कोयला अधिकारी व कर्मचारी हिचक रहे है.
कोयला अधिकारियों व कर्मियों को अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करने के लिये तीसरी बार आदेश जारी किया गया है. सीवीओ श्री कुमार ने कहा कि न जाने क्यों अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करने में कोयलाकर्मी हिचक रहे है? संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए कोयला कंपनियों में एरिया स्तर पर नोडल अधिकारी बनाये गये हैं. यह ब्यौरा लोकपाल के बेवसाइट (पोर्टल) पर सार्वजनिक किया जायेगा. स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब आगे और समय नहीं दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि अब तक काफी कम संख्या में अधिकारियों व कर्मियों ने संपत्ति का ब्यौरा दिया है. हालांकि पत्र में कितने कर्मियों ने ब्यौरा दिया है. इसकी जानकारी नहीं है.
पूर्व में कोयला अधिकारी प्रॉपर्टी रिटर्न सीडीए रुल के तहत कंपनी में करते थे. यह कंपनी स्तर पर ही रहता था. अब सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिये लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम के तहत संपत्ति का खुलासा करना है. जिसे पोर्टल पर कोई भी देख सकता है. चिट्ठी में स्पस्ट लिखा है कि सीडीए रुल के तहत रिटर्न भरनेवालों को भी संपत्ति का ब्यौरा देना है. दो बार पहले तय समय सीमा में ब्यौरा नहीं देने पर नाराजगी भी व्यक्त की गयी है. मामले की मॉनिटरिंग कोल इंडिया, सीवीओ एवं अनुषंगी कंपनी स्तर पर मौजूद मुख्य सतर्कता अधिकारी कर रहे है. कोल इंडिया सीवीओ की ओर से पत्र की प्रति सभी सीएमडी फंक्शनल डायरेक्टर्स, अनुषंगी कंपनी के सीवीओ अधिकारी, जीएम एवं नोडल ऑफिसर को भी जारी किया गया है.
