योजना. स्कूली स्तर से ही सिविल परीक्षा की तैयारी करायेगा सीबीएसइ
देश व राज्य की सिविल परीक्षाओं के लिए रूझान बढ़ाने के लिए सीबीएसइ ने स्कूली स्तर पर ही इसकी तैयारी शुरू कराने की योजना बनायी है. आगामी शिक्षण सत्र से सोशल स्टडीज कोर्स में बदलाव किया जायेगा तथा स्टूडेंट्स व टीचर को आइएएस पैटर्न से जोड़ा जायेगा. तर्क क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी होगी.
आसनसोल : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) स्कूल स्तर से ही सिविल सर्विसेज की तैयारी करायेगा. इससे स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग, मेडिकल के अलावा सिविल सर्विसेज के लिए भी खुद को तैयार कर पायेंगे. इसके लिए वर्ष 2017 से सोशल स्टडीज के कोर्स को चेंज किया जायेगा.
इसके साथ ही सीबीएसइ स्कूल स्तर पर कुछ प्रतियोगिताएं भी आयोजित करेगा. जिससे स्टूडेंट्स की तर्कक्षमता को बढ़ाया जा सके. तर्क क्षमता बढ़ने से स्टूडेंट्स को हर तरह की प्रतियोगिता के लिए मानसिक स्तर पर तैयार किया जा सकेगा.
प्रश्नपत्र हल करने की क्षमता बढ़ेगी
सीबीएसइ के अनुसार क्रासवर्ड कांटेस्ट के जरिये तर्क शक्ति मेंक्षमता में वृद्धि होगी. इसके साथ ही शब्दकोष का ज्ञान बढ़ेगा. प्रश्नपत्र हल करने की योग्यता में वृद्धि, स्मरण शक्ति के विकास, लेखन व दिमाग की क्षमता का विकास हो सकेगा. इस नये पैटर्न के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों दोनों को ही आइएएस के पैटर्न से जोड़ा जायेगा.
क्रासवर्ड कांटेस्ट 2016 से बढ़ेगी तर्क क्षमता
सीबीएसइ से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने स्कूल स्तर पर बच्चों की क्षमता और योग्यता को बढ़ाने के लिए भी पहल शुरू कर दी है. इसके तहत नौवीं से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स के लिए क्रिटिक क्रासवर्ड कांटेस्ट 2016 का आयोजन किया गया है. स्कूल स्तर पर होनेवाली इस प्रतियोगिता में हाल में सिविल सेवा में पैटर्न को शामिल किया गया है. इस बदले हुए पैटर्न पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा.
स्कूलों को जारी किया गया निर्देश
इसको लेकर सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश जारी कर दिया है. स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता लेने की प्रक्रिया तो इसी सत्र से स्कूलों में शुरू किया जायेगा. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को इन प्रतियोगिता में अधिक से अधिक स्टूडेंट्स को शामिल करवाने का निर्देश दिया है. वहीं इसके साथ ही कोर्स चेंज करने की प्रक्रिया अभी चल रही है. इसे 2017 सेशन से लागू किया जायेगा.
हिंदीभाषी स्टूडेंट्स को होगा फायदा
सीबीएसइ की इस पहल से हिंदी भाषी एवं हिंदी पट्टी के स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा. इस तरह की प्रतियोगिता में छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए यह शुरू किया जा रहा है. इस नयी पहल से बैंकिंग, एसएससी, रेलवे सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल होने वाले प्रतियोगियों के लिए नया माहौल मिलेगा.
