40 हुए फूड प्वायजनिंग के शिकार

आपदा. बढ़ती गरमी व असंतुलित भोजन करने के कारण फैली बीमारी बढ़ती गरमी का दुष्प्रभाव दिखने लगा है. घागरबुड़ी मंदिर परिसर में आयोजित शादी के भोज में खाना खाकर भनौरा कोलियरी कॉलोनी में लौटते ही 25 बच्चे, पांच महिलाएं व 10 पुरुष फूड प्वायजनिंग के शिकार हो गये. त्वरित चिकित्सा के कारण सभी खतरे से […]

आपदा. बढ़ती गरमी व असंतुलित भोजन करने के कारण फैली बीमारी
बढ़ती गरमी का दुष्प्रभाव दिखने लगा है. घागरबुड़ी मंदिर परिसर में आयोजित शादी के भोज में खाना खाकर भनौरा कोलियरी कॉलोनी में लौटते ही 25 बच्चे, पांच महिलाएं व 10 पुरुष फूड प्वायजनिंग के शिकार हो गये. त्वरित चिकित्सा के कारण सभी खतरे से बाहर है. चिकित्सकों ने नियंत्रित जीवन शैली का सुझाव दिया है.
आसनसोल : शादी समारोह का भोजन करने के बाद फूड प्वायजनिंग होने से भनौरा कोलियरी के 25 बच्चे व पांच महिलाएं सहित 40 व्यक्ति सोमवार की रात बीमार हो गये. इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. अस्वस्थों को इलाज के लिए केलेजोरा स्वास्थ्य केंद्र तथा आसनसोल जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है. चिकित्सकों की तत्परता के कारण सभी बीमार खतरे से बाहर हैं. बीस अस्वस्थ को अस्पताल में ऑवजर्बेशन के लिए रखा गया है. चिकित्सकों ने कहा कि तेज गर्मी व खाना ठीक से पाचन नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुयी है.
भनौरा कोलियरी स्थित एक परिवार के घर में आयोजित शादी में शामिल होने के लिये दर्जनों रिश्तेदार आये हुए थे. काली पहाड़ी स्थित धाधरबुड़ी मंदिर में सोमवार को धूम धाम से शादी संपन्न हुयी. सभी ने शादी में सामूहिक भोजन किया. शादी खत्म होने के बाद रात को सभी घर की ओर रवाना हो गये. भनौरा कोलियरी पहुंचते-पहुंचते कुछ लोगों ने उल्टियां करनी शुरू कर दी. धीरे-धीरे अस्वस्थ होनेवालों की संख्या बढ़ने लगी. इससे कोलियरी कॉलोनी परिसर में अपरा-तफरी मच गयी.
10 पुरूष, 25 बच्चे तथा पांच महिलाओं को इलाज के लिए समीपवर्ती केलेजोरा अस्पताल ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने 10 पुरूषों को इलाज के लिए दाखिल कर लिया. लेकिन 25 बच्चों व पांच महिलाओं की स्थिति गंभीर बता उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया.
इधर इतनी संख्या में मरीजों के आने के बाद जिला अस्पताल में भी हड़कंप मच गया. अस्पताल अधीक्षक डॉ निखिल चंद्र दास ने मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुरूप चिकित्सा की व्यवस्था तैयार रखने को कहा. उन्होंने चिकित्सक, नर्स व एटेंडर आदि को मिला कर 30 सदस्यीय टीम गठित की. मरीजों के आते ही उनकी बेहतर चिकित्सा शुरू कर दी गयी. सारी रात मरीजों को अच्छी तीमारदारी की गयी. जिससे उनकी स्थिति में तुरंत सुधार होने लगा. सुबह तक 10 मरीजों को जिला अस्पताल से छुट्टी कर दी गयी. 15 बच्चों तथा पांच महिलाओ को चिकित्सकों ने ऑबजव्रेशन में रखा है. उनकी स्थिति खतरे से बाहर है. उनको भी शीघ्र छुट्टी मिलने की संभावना है.
डॉ दास ने कहा कि गरमी के प्रकोप के कारण खाना सोच समझ कर नियंत्रित रूप से खाना चाहिए. वरना फूड प्वायजनिंग होने से जान भी जा सकती है. उन्होंने कहा कि शादी समारोह में शामिल इन लोगों के साथ भी यही बात हुयी थी. इनका खाना ठीक से नहीं पचा था. इसके कारण यह बीमारी हो गयी. उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों, नर्स सह सभी स्टॉफों की प्रशंसा की. उनकी सक्रियता तथा तत्परता के कारण इतने मरीजों को समय पर इलाज मिल सका.

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