आसनसोल : आसनसोल स्टेशन परिसर में रेल हॉकरों और आरपीएफ कर्मियों के बीच हुए ¨हसक झड़प के बाद गिरफ्तार हुए सभी 27 हॉकरों को सोमवार क ी संध्या आसनसोल महकमा कोर्ट से जमानत मिल गयी. रिहा हुए हॉकरों ने मंगलवार को सात नंबर प्लेटफॉर्म के निकट रेल हॉकर एकता समिति के महासचिव गोपाल सिन्हा के नेतृत्व में बैठक की तथा आंदोलन की रणनीति तय की.
हॉकरों ने बताया कि चलन्त ट्रेन व रेल स्टेशन परिसरों में हॉकरी करने की अनुमति की मांग के समर्थन में उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. अगर रेल प्रशासन उन्हें सात दिनों के अंदर हॉकरी की वैध अनुमति नहीं देता है तो वे जोरदार आंदोलन करेंगे. हॉकरों ने आरपीएफ बलों और हॉकरों के बीच हुए झड़प की घटना की सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और पूरी घटना की सीबीआइ जांच की मांग की.
उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेशन परिसर में पहले पत्थरबाजी करने वाले युवक हॉकर थे ही नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाबद्ध ढंग से पत्थरबाजी आरंभ की गयी, ताकि हॉकरों को बदना म किया जा सके. जिसके बाद हॉकरों ने अपना बचाव किया. पत्थरबाजी करने वालों ने शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे हॉकरों को उकसाने का काम किया. इस मामले के बारे में आसनसोल नॉर्थ ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष उत्पल सिन्हा ने बताया कि आरपीएफ ने भी पत्थरबाजी की है. सात नंबर टिकट काउंटर पर कुछ पत्थर जरूर चलाये गये.
परंतु उसके बाद आरपीएफ के कुछ कर्मियों ने ही काउंटरों में तोड़ फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त किया. समिति के महासचिव गोपाल सिन्हा ने बताया इस मामले को लेकर समिति अतिरिक्त जिलाशासक (एडीएम) को ज्ञापन सैंपेगी. उनके माध्यम से पूरे मामले को जिलाशासक डॉ सौमित्र मोहन के संज्ञान में लाया जायेगा.
