बंगाल सृष्टि का सेज प्रोजेक्ट होगा रद्द

आइटी क्षेत्र में आइ वैश्विक मंदी का असर पश्चिम बंगाल के आइटी पार्क से जुड़े सेज प्रोजेक्टों पर पड़ने लगा है. बंगाल सृष्टि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड ने आसनसोल में इसके लिए अनुमति ली थी. लेकिन उसके स्तर से कोई दिलचस्पी न दिखाने पर आगामी 28 अप्रैल को वाणिज्य विभाग से जुड़ा बोर्ड ऑफ एप्रूवल (बीओए) […]

आइटी क्षेत्र में आइ वैश्विक मंदी का असर पश्चिम बंगाल के आइटी पार्क से जुड़े सेज प्रोजेक्टों पर पड़ने लगा है. बंगाल सृष्टि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड ने आसनसोल में इसके लिए अनुमति ली थी. लेकिन उसके स्तर से कोई दिलचस्पी न दिखाने पर आगामी 28 अप्रैल को वाणिज्य विभाग से जुड़ा बोर्ड ऑफ एप्रूवल (बीओए) अंतिम निर्णय ले सकता है.
आसनसोल : बंगाल सृष्टि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड ने आसनसोल में अपने प्रस्तावित स्पेशल इकोनॉमिक्स जोन (सेज, विशेष वाणिज्यिक प्रक्षेत्र) प्रोजेक्ट को रद्द करने की अनुशंसा वाणिज्य विभाग के बोर्ड ऑफ एप्रूवल (बीओए) से की है. खबर एजेंसी पीटीआइ के अनुसार इस मुद्दे पर आगामी 28 अप्रैल को निर्णय लिया जाना है. हालांकि डेवलपमेंट कमीश्नरों ने भी इसके समर्थन में अनुशंसा की है. सनद रहे कि बंगाल सृष्टि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड कंपनी आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकार और सृष्टि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है.
सूत्रों ने बताया कि इस कंपनी को आसनसोल में स्पेशल इकोनॉमी जोन (सेज) खोलने की अनुमति काफी समय पहले दी गयी थी. लेकिन बाद के क्रम में इस कंपनी के स्तर से नये प्रोजेक्ट के बारे में किसी योजना की जानकारी संबद्ध अधिकारियों को नहीं दी. इसका परिणाम यह निकला कि इसके क्रियान्वयन की तिथि भी समाप्त हो गयी. लेकिन इसके लिए अवधि विस्तार के लिए कंपनी के स्तर से कोई पहल भी नहीं की गयी है. राज्य में इस सेज के साथ ही चार अन्य सेज की स्थिति भी यही है. इनमें राजारहाट में ओरियन आइटी पार्क प्राइवेट लिमिटेड, दक्षिण 24 परगना में सालारपुरिया प्रोपर्टीज प्रोजेक्ट व एवेक्स इंफोकॉम आइटी सेज तथा बनतला में एमएल डालमिया एंड कंपनी लिमिटेड का सेज प्रोजेक्ट शामिल है.
डेवलपमेंट कमीश्नरों ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र में आयी मंदी तथा टैक्स मुक्ति के मुद्दे पर गतिरोध इसका मुख्य कारण है. पिछले वर्ष पूरे देश की 60 से अधिक कंपनियों ने अपने सेज प्रोजेक्ट रद्द करने की अनुशंसा बोर्ड से की थी. इस बार इन पांच कंपनियों ने भी उसी रास्ते का अनुसरण किया है. अनुशंसा में कहा गया है कि अनुमति की तिथि समाप्त हो जाने के बाद भी इनकी अवधि विस्तार के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया है.
भविष्य को लेकर इनकी प्लानिंग की भी कोई सूचना इनके स्तर से नहीं है. स्थिति यह है कि जब इनके प्रोजेक्ट को कैंसिल करने के मुद्दे पर इन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया तो उन्होंने कोई रेसपांस नहीं दिया. इन सभी प्रोजेक्ट पर आगामी 28 अप्रैल को बोर्ड चेयरमैन सह वाणिज्य सचिव रीता टीओटीया की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक होगी.

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