पहल. कोयला श्रमिकों के दसवें राष्ट्रीय वेतन समझौते की दिशा में बढ़े कदम
सीआइएल व उसकी अनुषांगिक कंपनियों के कोयला श्रमिकों का वेतन समझौता आगामी 30 जून को समाप्त हो जायेगा. जेबीसीसीआइ की बैठक में दसवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते को अंतिम रूप दिया जायेगा. यूनियनों ने संयुक्त मांग पत्र तैयार कर केंद्र सरकार पर जेबीसीसीआइ गठन के लिए दबाव बना दिया है.
आसनसोल : सवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के लिए सभी पांच केंद्रीय यूनियनों ने मांगों को अंतिम रूप दे दिया है. इसमें 30 जून, 16 को मिल रहे वेतन में 50 फीसदी की वृद्धि की मांग न्यूनतम गारंटी वृद्धि (मिनिमम गारंटी बेनेफिट) के रूप में मांग की गयी है. सनद रहे कि इस मांग पत्र को कोयला मंत्रलय के सचिव को सौंपा जायेगा. इसे गठित होने वाले दसवें जेबीसीसीआइ में चर्चा के बाद पारित किया जायेगा. वेतन समझौते की प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण कदम है.
कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के महासचिव व पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि बीते सप्ताह पांच केंद्रीय यूनियनों यथा – एटक, इंटक, सीटू, बीएमएस तथा एचएमएस के नेताओं की संयुक्त बैठक हुयी थी. इसमें दसवें वेतन समझौते के लिए मांगों को अंतिम रूप दिया गया. शीघ्र ही इसे कोयला मंत्रलय के सचिव को सौंपा जायेगा. पहले सभी यूनियन अलग-अलग मांग पत्र देती थी. इसके बाद जेबीसीसीआइ में इन मांगों को सम्मिलित रूप देकर चर्चा होती थी.
इस बार सभी केंद्रीय यूनियनों ने संयुक्त मांग पत्र तैयार कर लिया. कोशिश है कि वेतन समझौता जल्दी से जल्दी संपन्न हो. उन्होंने कहा कि यह वेतन समझौता कोल इंडिया व उसकी सभी अनुषांगिक कंपनियों के सभी केटेगरी के श्रमिकों, कर्मचारियों तथा ठेका श्रमिकों के लिए प्रभावी होगा. इसमें एसइसीएल, इंडियन इन्सच्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट, टिस्को, इस्को तथा अन्य निजी कैप्टिव खदान के कर्मी भी लाभान्वित होंगे. सनद रहे कि आगामी 30 जून को नौवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की अवधि समाप्त ोह जायेगी. दसवां वेतन समझौता एक जुलाई, 16 से 30 जून, 2021 तक प्रभावी होगा.
उन्होंने कहा कि न्यूमतम वृद्धि गारंटी के लिए कम से कम 50 फीसदी वृद्धि की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि वार्षिक वृद्धि छह फीसदी की मांग की गयी है. एक जुलाई, 16 को जो कर्मी कंपनी के पे-रोल पर रहेंगे, उन्हें प्रत्येक पांच वर्ष की सेवा को दौरान अधिकतम तीन वृद्धि के साथ ही एक अतिरिक्त वृद्धि देनी होगी. सर्विस वेट एज इनक्रीमेंट आठवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते – आठ के अनुरूप पभावी रहेगा. महंगाई भत्ते के पूर्ण विलय 50 फीसदी की वृद्धि के साथ की भी मांग की गयी है.
असम कोलफील्ड में 30 फीसदी तथा अन्य कोयला क्षेत्रों में 25 फीसदी भूमिगत भत्ता की मांग की गयी है. इसके साथ ही बेसिक का दस फीसदी कोलफील्ड भत्ता, बेसिक के पांच फीसदी का भुगतान अतिरिक्त परिवहन अनुदान के रूप में करने, सभी पारा मेडिकल टेक्निशियन व नर्सिग स्टॉफ को बेसिक का पांच फीसदी पारा मेडिकल व नर्सिग भत्ता के रूप में भुगतान करने, एलएलटीसी मद में चार वर्षो की अवधि में 75 हजार रुपये का पैकेज देने, एलटीसी व आरआरएफ मद में चार वर्षो के लिए 50 हजार रुपये का पैकेज देने, कार्य के दौरान शारीरिक रूप से अक्षम होने पर वैकल्पिक कार्य आवंटित करने, आश्रितों की अइधकतम उम्र 45 वर्ष करने, ग्रेच्यूटी का आकलन प्रति वर्ष 30 दिन के रूप में करने की मांगें शामिल हैं.
