आसनसोल. तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध आइएनटीटीयूसी नेता राजू अलूवालिया ने पूरे प्रकरण के लिए आरपीएफ को दोषी ठहराया है. उन्होंने कहा कि आरपीएफ का यह अभियान सिर्फ आसनसोल मंडल में चल रहा है.
हजारों हॉकर बेरोजगारी के शिकार है. उनका आंदोलन करने या मरने की स्थिति में है. आर्थिक संकट से वे हमेशा तनावग्रस्त रहते हैं. मंगलवार को भी जब दो हॉकरों की गिरफ्तारी हुयी थी तो अन्य हॉकरों ने बिना कोई हंगामा किये अपना सारा सामान पोस्ट कार्यालय के समक्ष रख कर गिरफ्तारी करने का प्रस्ताव दिया.
सूचना मिलने के बाद वे भी घटनास्थल पर पहुंचे. आरपीएफ अधिकारियों से बेहतर माहौल में बात हो रही थी. कुछ हॉकर वापस जाने के भी मूड में थे. अचानक आरपीएफ के कुछ जवानों ने दो हॉकरों की पिटाई कर दी. इससे हॉकर उत्तेजित हो गये. आरपीएफ कर्मियों के संयम के बजाय बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया. इससे उनका सामान छूट गया तथा भगदड़ मच गयी. हताश व उत्तेजित हॉकरों ने पथराव शुरू कर दिया .
खुद को बचाने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने कहा कि सात नंबर बुकिंग काउंटर में तोड़फोड़ हॉकरों ने नहीं की, बल्कि असामाजिक तत्वों ने इसका लाभ उठा कर तोड़फोड़ की है. उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन को इस विवाद को मानवीय आ धार पर देखना चाहिए. आरपीएफ के लाठी चार्ज में एक दर्जन से अधिक हॉकर घायल हुए है. चार की स्थिति गंभीर है.
