आसनसोल. आरपीएफ व रेल हॉकरों के संघर्ष के बाद आरपीएफ कर्मी अपनी व अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित दिखे. यहां तक कि घटनास्थल पर पहुंचे वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त पीके गुप्ता ने स्वयं दो जवानों को प्लेटफॉर्म के बाहर जाने से रोक दिया. उनका कहना था कि उत्तेजित रोल हॉकर अकेले पाकर उनपर हमला कर सकते हैं.
इस आशय की आशंका बल के कई जवानों ने आरपीएफ एसोसिएशन के आसनसोल मंडल अध्यक्ष बीके सिंह से भी जतायी. उनका कहना था कि इसके पहले भी आरपीएफ के दो जवानों पर स्टेशन परिसर के बाहर हमला हो चुका है. आरपीएफ कर्मी कॉलोनी या फिर निजी मकानों में परिजनों के साथ रहते हैं. हॉकरों के स्तर से उन पर या उनके परिजनों पर हमला हो सकता है. व्यक्तिगत रूप से वे खुद की रक्षा कर सकते हैं, लेकिन परिजनों के साथ कुछ हो गया तो क्या होगा?
उनका कहना था कि एसोसिएशन इस मुद्दे पर मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त तथा मंडल रेल प्रबंधक से बात करे तथा उनकी सुरक्षा की व्यवस्था करें. श्री सिंह ने कहा कि पहले भी इस मामले में वार्ता हो चुकी है. नये सिरे से इस मामले पर फिर से चर्चा होगी.
