सांकतोड़िया : आसनसोल नगर निगम के 104 नंबर वार्ड के कई इलाकों के निवासी पेयजल संकट से परेशा न हैं. उनका आक्रोश आसनसोल नगर निगम व स्था नीय पार्षद के प्रति हैं. उनका कहना है कि गर्मी शुरू होते ही यदि यह स्थिति हैं तो जून माह में स्थिति की महज कल्पना ही की जा सकती है.
निवासियों ने कहा कि इलाके में जल संकट स्थायी समस्या बन गयी है. पूरे वर्ष परेशान रहते है. गर्मियों में पानी की खपत बढ़ जाने से परेशानी और गहरा गयी है. जिन इलाकों में पानी के नल है, उन इलाकों में पयर्ा प्त मात्र में जल की सप्लाई नहीं होती है. काफी कम समय में ही सप्लाई बंद हो जाती है. इसके कारण सार्वजनिक नलों पर पानी के लिए अक्सरहां विवाद होता रहता है. अक्सरहां महिलआो ं के बीच ही विवाद होता है.
इस वार्ड के तहत आनेवाले सांकतोड़िया बाजार, कुम्हार पाड़ा और सांकतोड़िया गांव के कुछ भागों में पेयजल की किल्लत बनी हुयी है. नोनिया बस्ती, हुसेनिया मोड़ के करीब पांच नंबर, बसान धौड़ा, माझी पाड़ा, बासगुड़िया, मयलागादा सहित कई अंचल है, जहां जल संकट गहराया रहता है. जबकि कई भाग ऐसे हैं, जहां उसके एक भाग में नदी बह रही है तो उसका दूसरा भाग रेगिस्तान बना हुआ है. जल वितरण का कोई सिस्टम नहीं है. बीते नगर निगम चुनाव में सांकतोड़िया स्थित भागाबांध में एक पार्षद प्रत्याशी ने जल की धारा बहा दी तो दूसरे पार्षद ने दूसरी ओर जल की धारा बहा दी. वह भी इसीएल की पाइप लाइन फोड़कर.
जबकि कई अन्य जगह सूखे रहे गये. लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद इंद्राणी आचार्या ने चुनाव जीतने पर इस समस्या के समाधान का वायदा किया था पर अब तो उनकी जीत के कई महीने बीत गये. इसी आश्वासन पर तो वर्षो बीत गये. कुल्टी के विधायक रहे मानिक लाल आचार्या से लेकर विधायक उज्जवल चटर्जी तक का समय देखा है. पर अब कब तक इंतजार करें? इस बार वोट देने से पहले तो सोचना पड़ेगा.
नोनिया बस्ती के निवासियों ने कहा कि वे पेयजल के लिये शीतलपुर या अन्य दूर स्थित जगहों से पेयजल लाने जाते है. निगम चुनाव के दौरान सांकतोड़िया में अवैध जल कनेक्शन काटने गये इसीएल अधिकारी व कर्मियों को स्थानीय लोगों ने घेर लिया था और संयोग काटने नहीं दिया. अवैध जल संयोग के कारण इसीएल अस्पताल में पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है और मरीज परेशान है.
