सांकतोड़िया : 105 नंबर वार्ड में पेयजल की समस्या गर्मी बढ़ने के साथ ही गहराने लगी है. नागरिकों का आक्रोश बढ़ने लगा है. उनका कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम चुनाव में मतदान किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान होगा.
लेकिन समाधान होता नहीं दिख रहा है. सांकतोड़िया नोनिया बस्ती, पीरस्थान, हाथीनल सहित विभिन्न इलाकों के नागरिकों ने कहा कि इस क्षेत्र में जल संकट हमेशा से बनी रहती है. लेकिन इस वर्ष कुछ अधिक ही दिख रही है. अप्रैल का महीना शुरू हुआ है. लेकिन गर्मी काफी बढ़ गयी है. दामोदर नदी में पहले से ही पानी नहीं है. अधिकांश जल स्त्रोत भी सूखने के कगार पर हैं. इस स्थिति में जून तक की स्थिति सोच कर ही दिल कांपने लगता है.
उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव के दौरान हर प्रत्याशी ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था. लेकिन चुनाव बीतने के कई माह बाद भी समस्या समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है.
दूर दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है. सर्वाधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय पार्षद अभिजीत आचार्या विधानसभा चुनावों में व्यस्त हैं. उनकी समस्या को सुननेवाला कोई नहीं है. उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पानी के लिए वोट बहिष्कार हो रहे हैं. वे भी आंदोलन के हर तरीके पर विचार कर रहे हैं.
इधर स्थानीय पार्षद श्री आचार्य का कहना है कि पेयजल प्रकल्प के लिये केंद्र द्वारा भेजा गया धन कुल्टी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सह कुल्टी विधायक सह तृणमूल प्रत्याशी उज्जवल चटर्जी के कारण वापस चली गयी. पाइपें यहां वहां बिखरी पड़ी है. उनके पार्षद बने एक वर्ष भी नहीं हुआ है. पेयजल की व्यवस्था होगी. इधर तृणमूल नेताओं का कहना है कि श्री आचार्या को आरोप-प्रत्यारोप में न जाकर अपने वार्ड की समस्या का समाधान करना चाहिए. इस समय तो वे ही इसके प्रतिनिधि हैं.
