गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड

दुर्गापुर : इंडियन ऑयल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दुर्गापुर थाना पुलिस ने दुर्गापुर एजोन एसएन बनर्जी रोड निवासी दीपेन और गलसी निवासी दीनू मांझी उर्फ बबलू भंडारी को गिरफ्तार कर दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया. अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दो दिनों की रिमांड में भेज […]

दुर्गापुर : इंडियन ऑयल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दुर्गापुर थाना पुलिस ने दुर्गापुर एजोन एसएन बनर्जी रोड निवासी दीपेन और गलसी निवासी दीनू मांझी उर्फ बबलू भंडारी को गिरफ्तार कर दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया.
अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दो दिनों की रिमांड में भेज दिया है. हरिपुर निवासी सौरव मंडल ने दोनों के खिलाफ ठगी का आरोप लगाते हुये दुर्गापुर महकमा अदालत में मामला दायर किया था. अदालत के आदेश पर दोनों को गिरफ्तार किया गया.
हरिपुर बाजार निवासी माणिकचंद्र मंडल के पुत्र सौरव मंडल ने बताया कि सिटी सेंटर के बिग बाजार में उसकी मुलाकात सुदीपा चटर्जी से हुई.
बाद में उनमें दोस्ती हो गई. एक दिन सुदीपा ने अपने पिता दीपेन चटर्जी से उसे मिलवाया. उसने बताया कि उसके पिता ने कइयों को इंडियन ऑयल में नौकरी दिलाई है. उनकी बातों पर विश्वास कर उसने अपने भाई के साला बांकुड़ा निवासी मनोज मंडल को नौकरी दिलाने की बात की. दीपेन चटर्जी ने उसके एवज में पांच लाख रुपये मांगे.
29 सितंबर 2013 को हावड़ा के एक अस्पताल में मेडिकल जांच कराई. उस समय उन्होंने 40 हजार रुपये लिये.उसके बाद ग्यारह दिसंबर 2013 को हल्दिया इंडियन ऑयल के गेट के समीप ले जा कर वहां दीनू मांझी उर्फ बबलू मांझी और उज्जवल दुबे से भेंट कराया. उन लोगों ने राजबांध इंडियन ऑयल का नियुक्ति पत्र डाक से भेजने की बात कही. दीपेन ने उस रोज शेष चार लाख 60 हजार रुपये दुर्गापुर में ही ले लिया था. काफी दिन बीत गये लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं आया तो सात जुलाई 2015 को रुपये वापस करने के लिये दीपेन चटर्जी पर दबाब बनाया गया. उसने लिखित तौर पर 15 जुलाई 2015 को रुपये लौटाने की बात कही.
लेकिन सात जुलाई को उसकी बेटी सुदीपा चटर्जी ने उलटे हमारे खिलाफ दुर्गापुर थाना में धमकी, उत्पीड़न का मामला दर्ज कर दिया. खबर मिलते ही छह अगस्त को इंडियन ऑयल के नकली कागजातों को लेकर दुर्गापुर महकमा अदालत में दीपेन चटर्जी, सुदिपा चटर्जी और दीनू मांझी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया गया. उसने बताया कि सुदीपा का सहारा लेकर उसके पिता ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की.
इतना ही नहीं सुदीपा ने 40 हजार रुपये कर्ज के तौर पर लिये लेकिन वापस नहीं किया. इंडियन ऑयल के अधिकारी ने बताया कि इंडिया ऑयल के सभी कागजात नकली है. उसने जिस वर्ष का उल्लेख है, उस वर्ष कोई वैकेंसी नहीं निकली थी.

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