अब श्रमिक भी चला सकेंगे चाय बागान

को-ऑपरेटिव बैंक ने शुरू की विशेष पहल 10 करोड़ रुपये का बनाया फंड जलपाईगुड़ी : तमाम दावों-प्रतिदावों के बीच डुवार्स के चाय बागानों में चाय श्रमिकों के मौत का सिलसिला जारी है. ऐसे में चाय श्रमिकों को कल्याण के लिए हर ओर से कुछ न कुछ कोशिश की जा रही है. इसी क्रम में जलपाईगुड़ी […]

को-ऑपरेटिव बैंक ने शुरू की विशेष पहल
10 करोड़ रुपये का बनाया फंड
जलपाईगुड़ी : तमाम दावों-प्रतिदावों के बीच डुवार्स के चाय बागानों में चाय श्रमिकों के मौत का सिलसिला जारी है. ऐसे में चाय श्रमिकों को कल्याण के लिए हर ओर से कुछ न कुछ कोशिश की जा रही है.
इसी क्रम में जलपाईगुड़ी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने चाय श्रमिकों के लिए एक विशेष फंड बनाने की घोषणा की है. अब यदि चाय बागान के मालिक बागान छोड़कर चले भी जाते हैं तो चाय श्रमिक को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर बागान चला सकेंगे. यह घोषणा जलपाईगुड़ी को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन सौरभ चक्रवती ने की है. उन्होंने कहा कि को-ऑपरेटिव बैंक ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये देकर एक विशेष फंड बनाया है. इस फंड की मदद से चाय श्रमिक को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर अपने दम पर चाय बागान चला सकेंगे. चाय श्रमिकों के साथ को-ऑपरेटिव सोसायटी में एक सरकारी अधिकारी के अलावा एक बैंक प्रतिनिधि एवं पंचायत सदस्य को शामिल किया जायेगा. शीघ्र ही श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
प्रारंभ में राज्य सरकार द्वारा अधिगृहीत रेडबैंक, सुरेन्द्र नगर, धरनीपुर, कुमलाई, बांदापानी के अलावा ढेकलापाड़ा चाय बागान में को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने का प्रस्ताव है. उन्होंने आगे बताया कि असम तथा त्रिपुरा में इस प्रकार के को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाये गये हैं और इनकी मदद से चाय बागानों को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है. कुछ इसी तरह से डुवार्स के बंद पड़े चाय बागानों में भी को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने की योजना है.

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