घोषणा. आसनसोल औद्योगिक अंचल में नियमित मॉनिटरिंग होगी प्रदूषण की
आसनसोल : पश्चिम बंगाल राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने आसनसोल में वायु गुणवत्ता मॉनीटरिंग के लिए ऑटोमेटिक स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस समय राज्य में इस तरह के पांच ऑटोमेटिक स्टेशन सक्रिय हैं. इसके साथ ही पुरुलिया, बांकु ड़ा तथा सिउड़ी में सेंटर खोले जायेंगे.
इससे बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी सुविधा होगी. आगामी एक जनवरी से इस दिशा में गंभीरता से कार्य शुरू किया जायेगा.
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के चेयरमैन कल्याण रूद्र ने कहा कि बढ़ रह ेप्रदूषण को देखते हुए राज्य में तत्काल पहल करने की जरूरत है. पर्षद ने अपने संसाधनों में तीन गुणा बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है.
मैनुअल एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सेंटरों की संख्या 23 से बढ़ा कर 72 करने का निर्णय लिया गया है. इस समय राज्य में ऑटोमेटिक स्टेशनों की संख्या पांच है. इन्हें बढ़ा कर आठ करने की योजना है. इसके लिए आसनसोल व हावड़ा शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पेरिस में संपन्न हुए पर्यावरण सम्मेलन में भारत ने संकल्प किया है कि आगामी 2030 तक वर्ष 2005 में उत्सजिर्त कार्बन की मात्र में 33 से 35 फीसदी तक की कमी लायी जायेगी.
इसके साथ ही देश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने पर भी सहमति जतायी गयी है ताकि उत्सजिर्त कार्बन डाय ऑक्साइड की मात्र में ढ़ाई से तीन बिलियन टन की कमी लायी जा सके. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि राज्य में बढ़ रहे प्रदूषण की सही मात्र का आकलन हो सके. इन आंक ड़ों के आधार पर ही इसके नियंत्रण की सही रूपरेखा बनायी जा सकती है. इस दिशा में नये स्टेशनों की स्थापना होने से इससे संबंधित डाटा बैंक विकसित करने में काफी मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि पुरुलिया, बांकु ड़ा, सिउड़ी व दाजिर्लिंग में वायु गुणवत्ता मॉनीटरिंग स्टेशन शीघ्र स्थापित किये जायेंगे.
इन क्षेत्रों से डाटा संग्रह करने के लिए पर्षद के पास कोई तंत्र नहीं है. बोस संस्थान के विज्ञानियों के अनुसार दाजिर्लिंग में प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंच गयी है. इसका प्रदूषण राज्य के अन्य प्रदूषित शहरों के समान पहुंच गया है. सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मेटर (एसपीएम), नाइट्रोजन डाय ऑक्साइड, सल्फर डाय ऑक्साइड, ओजोन लेबल, कार्बन मोनो ऑक्साइड उत्सजर्न आदि के आकलन की व्यवस्था राज्य में उपलब्ध है.
इस दिशा में राज्य के आसनसोल, हावड़ा तथा हाल्दिया जैसे औद्योगिक लाकों में तीन नये ऑटोमेटिक स्टेशन लगाने का निर्णय लिया गया है. राज्य में पहले से ही पांच ऑटोमेटिक स्टेशन स्थापित हैं.
इनमें से दो कोलकाता शहर में ही स्थित हैं. उन्होंने कहा कि औद्योगिक इलाका होने के नाते आसनसोल में प्रदूषण की मात्र काफी अधिक है. इसमें विभिन्न उद्योंगो के द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण, खुली कोयला व पत्थर खदानों से फैल रहा प्रदूषण तथा लाखों वाहनों से फैल रहा प्रदूषण शामिल है.
सनद रहे कि जिलाशासक डॉ सौमित्र मोहन की पहल पर बीते 15 दिसंबर को पूरे जिले में कार, बाइक फ्री डे का आयोजन किया गया था. पूरे जिले में इस अभियान को काफी सफलता मिली थी.
80 फीसदी निजी कार व बाइक सड़कों से नीचे रही थी. आसनसोल महकमा प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, आइएसपी प्रबंधन ने काफी सहयोग किया था. आइएसपी में हर माह पहले शनिवार को तथा आसनसोल नगर निगम में हर माह 15 तारीख को कार बाइक फ्री डे मनाने की घोषणा की गयी है. इससे आसनसोल औद्योगिक इलाके के निवासियों में काफी जागृति आयी है.
