आसनसोल : बोर्ड परीक्षा में सिर्फ दो से तीन महीने का समय बचा है. स्टूडेंट्स की तैयारी सही समय पर हो, इसके लिए सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड ने एक गाइड लाइन जारी किया है. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक कोर्स पूरा कर दें. उसक ेबाद 15 दिनों का रिवीजन स्कूल में ही कराया जाये. वहीं स्टूडेंट्स को तैयारी के लिए प्लानिंग करने को कहा गया है.
फरवरी से पहले सप्ताह में मिलेगा प्रिपरेशन लीव
सीबीएसइ की ओर से जहां प्रैक्टिकल के बाद प्रिपरेशन लीव दिया जाता है, वहीं आइसीएससी बोर्ड की परीक्षा में प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रिपरेशन लीव दिया जाता है.
सीबीएसइ के प्रैक्टिकल और थ्योरी के बीच 15 दिनों का गैप रहता है. इससे बोर्ड इन 15 दिनों को प्रिपरेशन लीव के तौर पर देता है. आइसीएसइ बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षा प्रैक्टिकल के साथ ही शुरू होती है. इस बीच कोई गैप नहीं होता है. प्रैक्टिकल खत्म होने के साथ ही थ्योरी की परीक्षा शुरू हो जाती है.
15 जनवरी से सीबीएसइ का प्रैक्टिकल एग्जाम
सीबीएसइ की 12वीं और 10वीं बोर्ड की परीक्षा 15 जनवरी से 15 फरवरी के बीच ली जाती है.इस एक महीने में सभी स्कूलों को प्रैक्टिकल लेकर उसके मार्क्स को सीबीएसइ के पास भेज देना होता है. बोर्ड ने इस बार भी 15 जनवरी से प्रैक्टिकल लेने की सूचना सभी स्कूलों को भेज दिया है. बोर्ड की थ्योरी परीक्षा इस बार एक मार्च से शुरू होगी.
आठ फरवरी से आइसीएसइ 12वीं और 29 से 10वीं की
आइसीएसइ बोर्ड की परीक्षा आठ फरवरी से शुरू होगी. पहले प्रैक्टिकल और उसके बाद 22 फरवरी से 12वीं बोर्ड की थ्योरी परीक्षा शुरू हो जायेगी. 29 फरवरी से 10वीं बोर्ड की परीक्षा भी शुरू हो जायेगी.
परीक्षा को देखते हुए बोर्ड ने टीचर्स को निर्देश दिया है. परीक्षा पैटर्न के साथ-साथ आंसर लिखने के बारे में भी टीचर्स को गाइड करने को कहा गया है. शिक्षक शंभू शरण भारती ने कहा कि 10वीं की परीक्षा में कुछ माह ही शेष रह गये हैं. ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.
प्रत्येक चेप्टर का रीडिंग अवश्य करें. क्वेश्चन बैंक से सवालों को हल करने का प्रयास करें. उदाहरण को भी हल करते रहना चाहिए. साइंस के लिए प्रतिदिन कम से कम तन घंटे अवश्य दें.
मैथ्स में एनसीआरटी, आरएस अग्रवाल के प्रश्नों को बनायें. शिक्षक रंजीत कुमार ठाकुर ने कहा कि इस समय में पढ़ाई पर ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करें. चैप्टर वाइज, टॉपिक वाइज एक दो प्रश्नों को कॉपी में लिख कर हल करने की कोशिस करें. इससे पूरे हो चुके सिलेबस फिर से याद होंगे. रोजाना पांच से सात घंटे की पढ़ाई ध्यानपूर्वक करते हैं तो बेहतर होगा. टॉपिकवाइज प्रश्नों को हल करें. रूटीन बना लें.
