आंदोलन : श्रमिकों ने लगाया प्रबंधन पर मनमानी का आरोप
हरिपुर : काजोड़ा एरिया की जामबाद ओसीपी में संडे की मांग पर श्रमिकों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया. प्रथम और जनरल पाली के लगभग 300 श्रमिकों ने इसमें हिस्सा लिया. श्रमिकों के इस आंदोलन का ट्रेड यूनियनों ने भी समर्थन किया.
केकेएससी नेता आफताब आलम, सीएमएस नेता उमाशंकर राजभर, बीएमएस नेता मनोज दुबे और सीएमएसआई नेता रवि बनर्जी ने बताया कि जामबाद ओसीपी में श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाएं प्रबंधन बंद करना चाहता है. सप्ताह में तीन दिन हाजिरी रहने पर संडे की सुविधा मिलती थी. लेकिन प्रबंधन ने अचानक नोटिस लगा दी कि सप्ताह में चार दिन हाजिरी रहने पर ही संडे की सुविधा मिलेगी. यह गलत है और प्रबंधन की तानाशाही है.
प्रबंधन ने अपना रवैया नहीं बदला तो प्रत्येक संडे को ड्यूटी नहीं की जायेगी. रविवार को पहली और जनरल पाली के 300 श्रमिकों ने काम का बहिष्कार किया. इधर, जामबाद ओसीपी के अभिकर्ता गोपाल सिंह ने कहा कि कंपनी के नियमों का पालन करना प्रत्येक श्रमिक का दायित्व है. नियम के मुताबिक नोटिस लगायी गयी है. नियम को मानकर ड्यूटी करने वालों को संडे की हाजिरी मिलेगी.
पानी की मांग को लेकर पथावरोध
जामुड़िया. जामुड़िया के अक्खलपुर, मंडलपुर, माजीपाड़ा सह आसपास के इलाकों में चार दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण स्थानीय निवासियों ने रविवार को डेढ़ घंटा तक अक्खलपुर मोड़ पर पथावरोध किया.
इस कारण जामुड़िया से आसनसोल तथा जामुड़िया से रानीगंज जाने वाले वाहनों का आवागमन ठप रहा. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जलापूर्ति ठप होने की खबर नगर निगम के जामुड़िया कार्यालय में दिये जाने के बाद भी कोई फायदा नहीं होता देख रास्ता अवरोध करना पड़ा. खबर पाकर जामुड़िया पुलिस ने तत्काल दो टेंकर पानी की व्यवस्था की और शीघ्र ही निगम कार्यालय में बात कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया.
सिख धर्म की रक्षा के लिए बेनाचिट्टी में बैठक
दुर्गापुर. धर्म एवं धार्मिक पुस्तक की रक्षा के मुद्दे पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी और दुर्गापुर जगत सुधार गुरुद्वारा कमेटी की संयुक्त बैठक रविवार को बेनाचिटी गुरुद्वारा परिसर में हुई.
बैठक में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगदीश सिंह, सचिव तेजंदर सिंह, दुर्गापुर जगत सुधार गुरुद्वारा कमेटी के सचिव चंचल सिंह एवं सिख संगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे. सरदार जगदीश सिंह ने कहा कि पंजाब में कुछ दिन पूर्व सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरुग्रंथ साहेब को अराजक तत्वों ने चोरी कर उनके पन्नों को फाड़कर फेंक दिया था.
इससे देश के सिख धर्म के अनुयायियों को काफी कष्ट पहुंचा था. धर्म की रक्षा के लिये यह बैठक की गयी. सिख संगत को एकता बनाये रखते हुए धर्म की रक्षा करनी है. भारत में हिंदू, मुसलिम, सिख व इसाई एक सूत्र में बंधते है, इसे तोड़ने वाले के खिलाफ उठ खड़ा होना होगा.
