आसनसोल : कल्ला बाइ पास रोड के निकट स्थित नूनी नदी के कल्ला छठ घाट की दयनीय स्थिति के कारण यहां पूजा करनेवाले हजारों छठ व्रतियों की चिंता बढ़ गयी है. श्री श्री लोकनाथ बाबा छठ पूजा समिति के सदस्य छठ व्रतियों को पूरा सहयोग करते हैं.
समिति के सदस्य सांतनु दास ने बताया कि इस घाट पर 20 साल से छठ पूजा हो रही है. दूर दराज क्षेत्रों से छठ व्रती यहां आते हैं. इस घाट पर धाधका, दिपू पाड़ा, शीतला ग्राम, मिडिल धाधका और रामकिशुन डंगाल से भी छठ व्रती पहुंचते हैं. परंतु घाट की स्थिति काफी दयनीय है.
व्रतियों के लिये चिंता का मुख्य मुद्दा लगातार घटता जल स्तर है. इस घाट में नदी का जल स्तर बमुश्किल एक फुट से भी कम हो गया है. इस जल में छठ व्रती और श्रद्धालु कैसे स्नान करेंगे और कैसे अघ्र्य देंगे? अगर स्थिति यही रही तो एक दिन यह नदी पूरी तरह से सूख जायेगी. समिति सदस्य प्रेमजीत प्रसाद ने बताया कि यह घाट बड़ी चुनौती बना हुआ है.
सफाई की व्यवस्था न होने से घाट के किनारे क ी गंदगी और व्रज्य पदार्थ नदी में बह जाते हैं और नदी का जल स्तर कम होने के कारण पोलिथीन, कागज, प्लास्टिक कचड़ा नदी घाट के किनारे इकट्ठा हो जाता है. इससे नदी घाट के किनारे कचड़े का अंबार लग गया है. इस से भी बड़ी चुनौती है घाट तक पहुंचने के लिये छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को 50 फुट नीचे उतरना पड़ता है. जमीन भी असमतल है. इससे श्रद्धालुओं के गिरने या फिसलने की भी संभावना है. इन समस्याओं के स्थायी समाधान की पहल किसी भी निजी या सरकारी संस्थान ने नहीं की है.
