आसनसोल : पूजा के दौरान बोनस न मिलने से आसनसोल के बीएसएनल कर्मियों में खासी मायूसी है. बीएसएनल कर्मियों ने बताया कि देश के हर सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मियों को बोनस देने का प्रावधान है. छोटे स्तर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को भी मालिक अपनी सुविधानुसार बोनस देते हैं. परंतु इतने बड़े राष्ट्रीय संस्थान बीएसएनएल में बोनस नहीं दिया गया. यह बेहद चिंताजनक और मनोबल को तोड़ने वाला है. बीएसएनल कर्मी अरबिंद ने बताया कि आम त्योहारों की अपेक्षा दुर्गापूजा के समय ज्यादा खर्च होता है.
जो वेतन मिलता है, उससे महंगाई में बचा नहीं पाते. अगर उन्हें भी अन्य संस्थानों के कर्मियों की तरह बोनस मिलता तो त्योहारों में कुछ खरीदारी हो पाती और काफी खुशी होती. बीएसएनएल इम्प्लाइज यूनियन के आसनसोल मंडल सचिव सुब्रत मिश्र ने बताया कि बोनस मिलेगा ही, इसकी गारंटी नहीं है. संयुक्त फोरम के नेता दिल्ली में सीएमडी अनुपम श्रीवास्तव से बैठक कर इस मामले को हल करने का प्रयास कर रहे हैं. अगर कर्मियों को बोनस मिलता तो सभी खुश होते. कर्मी पी चटर्जी ने बताया विगत पांच वर्षों से बोनस नहीं मिला है. यह सरकारी उदासीनता और यूनियनों की लापरवाही का नतीजा है. यूनियन के नेता इस मामले को लेकर गंभीर नहीं दिखते.
पांच वर्षो से कैसी लड़ाई लड़ी जा रही है, यह समझ के परे है. सभी कर्मी चाहते हैं कि दूसरे संस्थानों के तरह पूजा बोनस दिया जाये. दुर्गापूजा में कुछ ज्यादा खर्च होता है. बोनस मिलने से पूजा में खुल कर खरीदारी कर सकत.े उच्च अधिकारियों की तनख्वाह इतनी ज्यादा है कि उनहें बोनस मिले ना मिले उतना फर्क नहीं पड़ता परंतु मिडल क्लास के लोग महंगाई के चलते वेतन से बचत नहीं कर पाते. आसनसोल जीटी रोड स्थित मुख्य डाक घर के कर्मियों ने बताया कि उनहे दो दिनों पहले ही पूजा बोनस का भुगतान कर दिया गया है.
स्टाफ लेवल कर्मियों को बोनस स्वरूप 6,908 रूपये भुगतान किया गया है. उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले छह वर्षो से बोनस स्वरूप यही राशि मिल रही है. उन्होंने बताया कि आसनसोल में ही अन्य सरकारी कर्मियों को उनसे कई गुना अधिक बोनस मिला है. पड़ोसी रहे इसीएल कर्मी को 48 हजार रूपये बोनस मिलेंगे.
