कोलकाता हाइ कोर्ट से सुब्रत को मिली राहत

मामले के निष्पादन तक तकनीकी निदेशक पर रहेंगे बहाल कोल इंडिया प्रबंधन कर चुका है उन्हें इस पद से सेवा मुक्त आसनसोल : कोल इंडिया द्वारा इसीएल के तकनीकी निदेशक (ऑपरेशन) रहे सुब्रत चक्रवर्ती को उनके पद से सेवामुक्त करने के आदेश पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर उन्हें पुन: उनके पद पर नियुक्त करने […]

मामले के निष्पादन तक तकनीकी निदेशक पर रहेंगे बहाल
कोल इंडिया प्रबंधन कर चुका है उन्हें इस पद से सेवा मुक्त
आसनसोल : कोल इंडिया द्वारा इसीएल के तकनीकी निदेशक (ऑपरेशन) रहे सुब्रत चक्रवर्ती को उनके पद से सेवामुक्त करने के आदेश पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर उन्हें पुन: उनके पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया. मंगलवार को अदालत ने श्री चक्रवर्ती द्वारा दायर मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. इस आदेश के जारी होने के बाद बुधवार को श्री चक्रवर्ती कुछ क्षणांे के लिये अपने कार्यालय में आये और लौट गये. श्री चक्रवर्ती फिलहाल छुट्टी पर है.
इसीएल के तकनीकी निदेशक श्री चक्रवर्ती के पांच वर्ष के कार्यकाल पूरा हो जाने के उपरांत कोल इंडिया की अनुशंसा पर मंत्रालय ने उन्हे छह माह का एक्सटेंशन दिया था. इस दौरान उनका चयन इसीएल के सीएमडी पद पर हुआ. लेकिन कुछ तकनीकी कारणांे से उनकी नियुक्ति नहीं हुयी. चार अगस्त तक नियुक्ति की प्रक्रिया अधर में लटके रहने के कारण कोल मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने सीएमडी के पैनल को रद्द करने का आदेश जारी किया. जिसके खिलाफ श्री चक्रवर्ती ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की. अदालत ने पैनल रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी. इस बीच डीटी के पद पर उनका कार्यकाल पूरा हो जाने पर एक्सटेंशन के लिये कोल इंडिया ने दुबारा अनुशंसा की. लेकिन सरकार ने उनकी अनुशंसा खारिज कर दी.
नौ अक्तूबर को मंत्रालय के निर्देश पर कोल इंडिया के महाप्रबध्ंाक (कार्मिक) विजय स्वरुप ने उन्हें डीटी के पद से मुक्त करने का आदेश जारी किया. मंगलवार को उच्च न्यायालय में सीएमडी पैनल रद्द मामले की सुनवायी में अदालत ने कहा कि जब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं आ जाताहै तब तक श्री चक्रवर्ती अपने डीटी के पद पर बहाल रहेंगे. सूत्रों के अनुसार जब तक कोल इंडिया अदालत के निर्णय पर पुन: उन्हे बहाल नहीं करती है, तबतक वे पदभार ग्रहण नहीं करेंगे. इस निर्णय पर कोल इंडिया प्र्रबंधन उच्च न्यायालय में भी अपील कर सकता है या उन्हें पुन: बहाल कर सकता है. सीएमडी से संबंधित मामले में अगली सुनवायी चार नवंबर को होगी. उस दिन कोई ठोस निर्णय आने की संभावना है.

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