पेड़ पर कटहल, होठों पे तेल

गतिरोध : नगर निगम के मेयर परिषद सदस्यों, बोरो की संख्या नहीं हो सकी है निर्धारित आसनसोल : आसनसोल नगर निगम बोर्ड में मेयर परिषद सदस्यों व बोरो चेयरमैन की संख्या के बारे में संभवत: मंगलवार को सरकारी स्तर से दिशा निर्देश जारी हो सकता है. लेकिन तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न कतारों में इसकी संख्या […]

गतिरोध : नगर निगम के मेयर परिषद सदस्यों, बोरो की संख्या नहीं हो सकी है निर्धारित
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम बोर्ड में मेयर परिषद सदस्यों व बोरो चेयरमैन की संख्या के बारे में संभवत: मंगलवार को सरकारी स्तर से दिशा निर्देश जारी हो सकता है. लेकिन तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न कतारों में इसकी संख्या व क्षेत्रवार उनके बंटवारें को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है. इसके साथ ही नवनिर्वाचित पार्षदों ने इन पदों के लिए वरीय नेताओं के पास लॉबिंग भी शुरू कर दी है. हर तृणमूल कर्मी इन्हीं मुद्दों पर चर्चा कर रहा है.
नगर निगम के प्रशासक सह अतिरिक्त जिलाशासक सुमित गुप्ता ने कहा कि आसनसोल नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार हुआ है. इस कारण नगर निगम में मेयर परिषद के सदस्यों व बोरो चेयरमैन की संख्या को लेकर राज्य सरकार के स्तर से दिशा निर्देश की जरूरत होगी. सोमवार को महालया होने के कारण सरकारी कार्यालयों में छुट्टी थी. संभवत: मंगलवार को इस संबंध में कोई दिशा निर्देश मिले. सरकारी निर्देश के आने के बाद ही बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू होगी. उन्होंने कहा कि मेयर व चेयरमैन के शपथ ग्रहण के कार्यक्रम भी आधिकारिक स्तर पर घोषित होगा.
इधर तृणमूल के राजनीतिक गलियारे में बोर्ड में पद हासिल करने के लिए लॉबिंग शुरू हो गयी है. मेयर की कुर्सी तापस बनर्जी के लिए आरक्षित मानी जा रही है. उपमेयर व चेयरमैन के पद का निर्णय पार्टी के हाइ कमान के स्तर से होगा. इसके बाद पार्टी के वरीय नेताओं की सलाह से मेयर परिषद सदस्यों व बोरो चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी.
इसमें जिलाध्यक्ष वी शिवदासन उर्फ दासू, श्रम मंत्री मलय घटक, प्रशासक तापस बनर्जी विधायक उज्जवल चटर्जी की भूमिका निर्णायक होगी. पार्टी नेताओं का आकलन है कि बोर्ड के तीन पद तो तय हैं ही. हावड़ा में मेयर परिषद के सदस्यों की संख्या 10 है तथा कोलकाता नगर निगम में मेयर परिषद के सदस्यों की संख्या 15 है. केएमसी में वार्डो की कुल संख्या 146 है.
आसनसोल नगर निगम के अधीनस्थ क्षेत्रों के विस्तार व संतुलन को देखते हुए यहां भी मेयर परिषद की संख्या 15 तथा बोरो चेयरमैन की संख्या 11 मानी जा रही है. इसी के आधार पर आकलन भी हो रहा है.
पार्टी नेताओं का दावा है कि रानीगंज शहर को एक बोरो चेयरमैन तथा मेयर परिषद का एक सीट मिल सकता है. जबकि जामुड़िया शहर में 13 सीटों में से 11 सीटों पर जीत मिलने से बोरो चयरमैन का एक पद तथा मेयर परिषद की दो सीटों पर हिस्सा बनता है. एक बोरो के अधीनस्थ औसतन 10 वार्ड माने जा रहे हैं. रानीगंज व जामुड़िया में एक-एक बोरो गठित हो सकते हैं.
हावांकि इनमें वार्डो की संख्या क्रमश: 11 और 13 है. अब आसनसोल नॉर्थ, आसनसोल साउथ व कुल्टी विधानसभा की हिस्सेदारी बचती है. आसनसोल नॉर्थ में 32, आसनसोल साउथ में 22 तथा कुल्टी में 28 वार्ड हैं. इस स्थिति में तीनों विधानसभा में तीन-तीन बोरो कमेटी गठित हो सकती है. तीनों क्षेत्र को तीन-तीन बोरो चयेरमैन मिल सकते हैं.
मुख्य दावेदारी उपमेयर, चेयरमैन व मेयर परिषद के सदस्यों की संख्या को लेकर है. मेयर आसनसोल साउथ से हैं. यदि उपमेयर कुल्टी से होते हैं तो चेयरमैन का पद आसनसोल नॉर्थ को और यदि चेयरमैन कुल्टी क्षेत्र को मिलता है तो उपमेयर का पद आसनसोल नॉर्थ को मिल सकता है.
नेताओं का आकलन है कि यदि पूर्व बोर्ड की तरह चेयरमैन आसनसोल साउथ व उपमेयर आसनसोल नॉर्थ से आये तो कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में मेयर परिषदों की संख्या चार से बढ़ कर पांच हो जायेगी तथा आसनसोल साउथ के क्षेत्र में मेयर परिषद सदस्यों का कोटा घट कर तीन हो सकता है. सनद रहे कि आसनसोल नॉर्थ से 32 वार्डो में से 20 आसनसोल साउथ विधानसभा क्षेत्र के 22 वार्डो में से 19 तथा कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के 28 वार्डो में से 19 में पार्टी प्रार्थियों की जीत हुई है.
आसनसोल नॉर्थ, आसनसोल साउथ व कुल्टी में कमोवेश इन सात पदों के लिए लॉबिंग शुरू हो गयी है.रानीगंज व जामुड़िया में पार्टी नेतृत्व को कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि वहां से जीते सभी पार्षद पहली बार चुनाव जीते हैं तथा वरीयता व अनुभव के आधार पर उनकी कोई दावेदारी नहीं है. पार्टी नेतृत्व जो दायित्व दे देगा, वह उनके लिए पार्टी का उपहार ही होगा. हालांकि पार्टी पदाधिकारी होने व लंबे समय तक संघर्ष करनेवाले पूर्णशशि राय की दावेदारी मजबूत है. रानीगंज नगरपालिका की एकलौती पार्टी पार्षद हीना खातून चुनाव हार चुकी है.
आसनसोल नॉर्थ और साउथ में अनुभवी पार्षदों की लंबी कतार है. इनमें पूर्व उपमेयर अमरनाथ चटर्जी, पूर्व एमएमआइसी अनिर्वाण दास, पूर्व एमएमआइसी गुलाम सरवर, पूर्व पार्षद नूर रफत परवीन, पूर्व पार्षद श्रवणी मंडल, प्रखंड अध्यक्ष रहे ओमियो दां, पूर्व पार्षद उमा सर्राफ, पूर्व पार्षद शिखा घटक, पूर्व बोरो चेयरमैन रहे दयामय राय, पूर्व चेयरमैन जितेंद्र तिवारी, पूर्व एमएमआइसी अभिजीत घटक, पहली बार ही पार्षद बनी लेकिन विधायक सोहराब अली की पत्नी नगगिस बानो, पूर्व पार्षद गुरुदास चटर्जी, पूर्व एमएमआइसी रहे लखन ठाकुर, पूर्व पार्षद मानस दास, पूर्व बोरो चेयरमैन रहे भरत दास, पार्टी नेत्री से पार्षद बनी बबीता दास, पूर्व पार्षद स्वपन बनर्जी, कल्याण दासगुप्ता आदि शामिल हैं. कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में दावेदारों की सूची विधायक उज्जवल चटर्जी को ही फाइनल करनी होगी. वैसे भी कुल्टी में हर पार्षद की जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
कुल्टी नगरपालिका के अध्यक्ष वे खुद थे. उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा. उपाध्यक्ष रहे नेता परास्तोह चुके हैं. सीआइसी रहे अभय प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह की पत्नी चुनाव हार चुकी है. इस कारण कुल्टी से भी अधिक दबाब नहीं दिख रहा है.
आसनसोल शिल्पांचल के जिलाध्यक्ष वी शिवदासन उर्फ दासू ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों के बारे में पार्टी नेतृत्व को ही फैसल करना है. पार्टी में किसी भी नेता को अटकल लगाने का अधिकार नहीं है.
लेकिन इतना तय है कि नया बोर्ड काफी चौंकानेवाला होगा तथा पार्टी नेतृत्व हर तबके व क्षेत्र को उचित प्रतिनिधित्व देगा. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट हो जायेगी. आसनसोल नगर निगम गठन के लिए म्यूनिसिपल एक्ट में हुए बदलाव की प्रति नहीं मिली है. मेयर परिषद सदस्य व बोरो चेयरमैन की संख्या की जानकारी मिलने के साथ ही इसकी पहल होगी.

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