प्याज की खरीदारी में लोगों के निकल आ रहे आंसू

आसनसोल : आसनसोल बाजार में इन दिनों प्याज का भाव लोगों को रुला रहा है. हरी सब्जियों के भाव भी चढ़े हुए हैं. दाम में हो रही वृद्धि से लोगों के थाली से सब्जी की मात्रा कम होने लगी है. टमाटर, गोभी, मटर, बैगन सहित अदरक की कीमतें भी आसमान पर है. अधिकांश लोग सब्जी […]

आसनसोल : आसनसोल बाजार में इन दिनों प्याज का भाव लोगों को रुला रहा है. हरी सब्जियों के भाव भी चढ़े हुए हैं. दाम में हो रही वृद्धि से लोगों के थाली से सब्जी की मात्रा कम होने लगी है. टमाटर, गोभी, मटर, बैगन सहित अदरक की कीमतें भी आसमान पर है. अधिकांश लोग सब्जी लेने बाजार पहुंचते हैं, लेकिन दाम सुनकर उनके होश उड़ने लगते हैं.

मजबूरन लोग किलो के बदले ढाई सौ ग्राम से अधिक कोई भी सब्जी नहीं लेते. सब्जी व्यवसासियों का कहना है कि दो तीन दिनों से सब्जी के दाम में कमी आई है लेकिन वर्तमान में जो दाम है वह अभी कम होने वाला नहीं है. प्याज का भाव ऊपर चढ़ा हुआ है. खुदरा बाजार में प्याज 90 रुपये किलो बिक रहा है.

प्याज के दाम में लगातार इजाफा हो रहा है. इससे पहले प्याज 60 रुपये फिर 70, उसके बाद 80 और अब 90 रुपये किलो बिकने लगा. अदरख का भी दाम सातवें आसमान पर है. अदरख 120 रुपये किलो बिक रहा है. बंगाल के गोभी से पटा बाजार लोकल स्तर पर सब्जी का उत्पादन कम होने से व्यापारी को दूसरे जिलो से गोभी मंगाते थे. लेकिन अब आसनसोल में गोभी कम पड़ गया है.

आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव श्रवण अग्रवाल ने बताया कि देश भर में सब्जियों के बढ़ते दाम के कारण लोग परेशान है. गृहणियों का बजट बिगड़ गया है. गृहणियों को इसके कारण काफी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है. आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सह सलाहाकार नरेश अग्रवाल ने बताया कि प्याज तथा सब्जियों के बढ़ते दाम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

दैनिक पौष्टिक आहार की कमी के कारण श्रमिक का स्वास्थ्य प्रभावित होगा. सरकार को सब्जियो के दाम पर नियंत्रण करने के लिये कुछ विशेष व्यवस्था करनी होगी. आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी सदस्य सह आसनसोल मार्बल एंड हार्डवेयर एसोसिएशन सचिव मुकेश तोदी ने कहा कि सरकार को बाजार की तेजी को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए. सरकार को जमाखोरी पर नियंत्रण करना चाहिए.

पश्चिम वर्दवान डिस्ट्रिक्ट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव जगदीश बागड़ी ने बताया कि देश में कृषकों को अपना माल को आडतदारों के माध्यम से बेचना पड़ता है. इसमें किसान को उचित दाम नहीं मिल पाता है. कृषक को सीधे तौर पर माल ब्रिकी करने की सुविधा मिले तो सब्जियो के दाम को नियंत्रित किया जा सकता है.

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